कौशाम्बी : सामूहिक दुष्कर्म की शिकार किशोरी का फांसी पर लटकता मिला शव
करारी कोतवाली के गडरिया का पुरवा गांव की एक किशोरी म्योहर में सिलाई सीखने के लिए जाती थी। 19 फरवरी को वह सिलाई सीखने के लिए गई थी। इस बीच वह अपने प्रेमी के साथ सरायअकिल के कनैली गांव के पास किलनहाई नदी किनारे गई थी।
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करारी कोतवाली के गडरिया का पुरवा गांव की एक किशोरी म्योहर में सिलाई सीखने के लिए जाती थी। 19 फरवरी को वह सिलाई सीखने के लिए गई थी। इस बीच वह अपने प्रेमी के साथ सरायअकिल के कनैली गांव के पास किलनहाई नदी किनारे गई थी। आरोप है कि वहां उसके साथ चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया।
मामले में सरायअकिल कोतवाली में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की। इस दौरान दुष्कर्म के आरोपी गुलशन त्रिपाठी की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। जख्मी गुलशन त्रिपाठी को पुलिस ने इलाज के लिए एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान गुलशन पुलिस हिरासत से फरार हो गया। इधर, सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी गुमसुम रहती थी।
शुक्रवार की शाम करीब आठ बजे खाना खाने के बाद वह कमरे में चली गई। कुछ देर बाद परिजनों ने देखा कि दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजे की दरार से कमरे के अंदर का नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। किशोरी की लाश फंदे से लटक रही थी।
छत के रास्ते सीढ़ी से नीचे उतरने के बाद दरवाजा तोड़कर परिजनों ने शव बाहर निकाला। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि किशोरी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उसने खुदकुशी क्यों कि इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। घटना की छानबीन की जा रही है।
पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया था आरोपी गुलशन, कस्टडी से हुआ था फरार
करारी। पुलिस की जांच में पता चला कि किशोरी का प्रेम पूरामुफ्ती इलाके के राजू से था। राजू के साथ ही वह बाइक से किलनहाई नदी के पास पहुंची थी। इस दौरान आरोपी गुलशन व उसके साथियों ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया था।
इस पर उनकी नीयत डोल गई। इसके बाद गुलशन व उसके साथियों ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। मामले में पुलिस ने गुलशन को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। बाद में वह चकमा देकर प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल से फरार हो गया था। फिलहाल, गुलशन समेत सभी आरोपी जेल में हैं।
पीड़ित परिवार पर था सुलह का दबाव
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार किशोरी के मामले में आरोपी गुलशन के घरवाले सुलह का दवाब बना रहे थे। परिवार के लोग इससे काफी परेशान थे। उन्होंने इस बाबत कई बार पुलिस अफसरों से शिकायत की, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था।
कुछ दिन बाद ही होनी थी शादी
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार पीड़िता के साथ पुलिस व परिवार ने सहानुभूति नहीं दिखाई। परिवार के लोग उसकी शादी के लिए परेशान थे। इसके बाद कोई रिश्ता नहीं मिल रहा था। पीड़िता ने अपनी मर्जी के बगैर परिजनों के कहने पर शादी का फैसला तो किया, लेकिन उससे पहले उसने खुदकुशी कर ली।