{"_id":"68e6c6ae5c08c9404a0d1e8d","slug":"gang-rape-conspiracy-exposed-four-people-including-a-woman-arrested-kaushambi-news-c-261-1-kmb1004-131132-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: सामूहिक दुष्कर्म केस की साजिश बेनकाब, महिला सहित चार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: सामूहिक दुष्कर्म केस की साजिश बेनकाब, महिला सहित चार गिरफ्तार
Thu, 09 Oct 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 09 Oct 2025 01:46 AM IST
विज्ञापन
जिले में जमीन विवाद के चलते सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने के सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। बुधवार को पुलिस कार्यालय में एसपी राजेश कुमार व एएसपी राजेश कुमार सिंह ने मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि जिला पंचायत सदस्य समेत चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। गिरफ्तारों में शिकायतकर्ता महिला हीरामनी सरोज भी शामिल है।
मामला सैनी कोतवाली के मनकापुर सयारा मीठेपुर का है। बीते 27 सितंबर को हीरामनी सरोज ने तहरीर दी थी कि 26 सितंबर को बकरी चराकर लौटते समय आरोपी जुबैर और पप्पू कार से आए और उसे जबरन उठा ले गए जिसके बाद सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान मोबाइल सीडीआर और टावर लोकेशन से पता चला कि घटना के समय कथित आरोपी जुबैर अपने बीमार पुत्र का इलाज कराने कानपुर के एक निजी अस्पताल में मौजूद था। तकनीकी और साक्ष्य आधारित जांच के बाद यह साफ हुआ कि पूरा मामला झूठा और साजिशन तैयार किया गया था।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता हीरामनी सरोज ने मोहम्मद हसन के इशारे पर यह झूठा आरोप लगाया था। मोहम्मद हसन और जुबैर के बीच सयारा मीठेपुर की एक जमीन को लेकर मुकदमा चल रहा था।
पूछताछ में मोहम्मद हसन ने स्वीकार किया कि उसने जुबैर पर दबाव बनाने के लिए शिकायतकर्ता के भतीजे अर्जुन की मदद से अपनी रिश्तेदार हीरामनी को पांच लाख रुपये और एक बिस्वा जमीन देने का लालच दिया। साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने पर सरकारी मुआवजे का झांसा भी दिया था।
इस साजिश में हसन और जिला पंचायत सदस्य शेर मोहम्मद उर्फ शेरू भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर भी झूठे वीडियो और पोस्ट डालकर माहौल बनाया गया। पुलिस ने हीरामनी सरोज, मोहम्मद हसन, शेर मोहम्मद और अर्जुन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन
मामला सैनी कोतवाली के मनकापुर सयारा मीठेपुर का है। बीते 27 सितंबर को हीरामनी सरोज ने तहरीर दी थी कि 26 सितंबर को बकरी चराकर लौटते समय आरोपी जुबैर और पप्पू कार से आए और उसे जबरन उठा ले गए जिसके बाद सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
जांच के दौरान मोबाइल सीडीआर और टावर लोकेशन से पता चला कि घटना के समय कथित आरोपी जुबैर अपने बीमार पुत्र का इलाज कराने कानपुर के एक निजी अस्पताल में मौजूद था। तकनीकी और साक्ष्य आधारित जांच के बाद यह साफ हुआ कि पूरा मामला झूठा और साजिशन तैयार किया गया था।
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता हीरामनी सरोज ने मोहम्मद हसन के इशारे पर यह झूठा आरोप लगाया था। मोहम्मद हसन और जुबैर के बीच सयारा मीठेपुर की एक जमीन को लेकर मुकदमा चल रहा था।
पूछताछ में मोहम्मद हसन ने स्वीकार किया कि उसने जुबैर पर दबाव बनाने के लिए शिकायतकर्ता के भतीजे अर्जुन की मदद से अपनी रिश्तेदार हीरामनी को पांच लाख रुपये और एक बिस्वा जमीन देने का लालच दिया। साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने पर सरकारी मुआवजे का झांसा भी दिया था।
इस साजिश में हसन और जिला पंचायत सदस्य शेर मोहम्मद उर्फ शेरू भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर भी झूठे वीडियो और पोस्ट डालकर माहौल बनाया गया। पुलिस ने हीरामनी सरोज, मोहम्मद हसन, शेर मोहम्मद और अर्जुन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।