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तीन गांवों में मिले 50 अतिकुपोषित बच्चे
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Tue, 09 Dec 2014 12:30 AM IST
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करारी। जिलाधिकारी के गोद लिए गांव मुअज्जमपुर में आयोजित तीन दिवसीय स्नेह शिविर सोमवार को समाप्त हो गया। शिविर के आखिरी दिन सोमवार को डॉ. अलीमा खातून की टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। उन्होंने बताया कि मुअज्जमपुर और तीन अन्य पुरवों में कुल 50 बच्चे अतिकुपोषित मिले हैं। वहीं गांव में चौपाल लगाकर गांववालों की समस्याएं भी सुनी गईं। ब्लाक के अफसर, कर्मियों ने गांव में होने वाले विकास कार्यों का खाका भी तैयार किया।
मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के ग्रामसभा तियरा जमालपुर का मजरा है मुअज्जमपुर। इस गांव को जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम के तहत गोद लिया है। इस गांव में जिला प्रशासन और दोआबा विकास एवं उत्थान समिति की ओर से तीन दिवसीय स्नेह शिविर आयोजित किया गया था। शिविर का समापन सोमवार को हुआ।
इस दौरान डॉ. अलीमा खातून, डॉ. रवीन्द्र प्रताप सिंह आदि चिकित्सकों की टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। चिकित्सकों ने बताया कि तीन दिनों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान तियरा जमालपुर, महेन्द्र और मुअज्जमपुर गांव में करीब 50 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं। वहीं शिविर के आखिरी दिन दोआबा विकास संस्थान के सचिव परवेज रिजवी और ग्राम विकास अधिकारी आदि ब्लाक के अफसर, कर्मियों ने चौपाल लगाकर सड़क, नाली, चकमार्ग, शौचालय, हैंडपंप, खेल मैदान, आवास आदि विकास कार्यों का प्रस्ताव बनाया।
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संस्था सचिव परवेज रिजवी ने बताया कि कार्ययोजना जिलाधिकारी को भेजकर गांव विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को जिलाधिकारी गांव का दौरा करके कुपोषण और विकास कार्यों के प्रगति हकीकत का जायजा लेंगे। इस मौके पर मुकेश कुमार, अजय सिंह, रेहान अहमद वारिस अली, बड़ेलाल, सुदामा प्रसाद, वसी अहमद, घनश्याम सिंह, श्रीश्याम, भैरव प्रसाद, वीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
मुअज्जमपुर में आयोजित स्नेह शिविर में सोमवार को सोनी गांव के जितेंद्र (3) पुत्र फूलचंद्र का वजन किया गया। तीन साल के जितेंद्र का वजन सिर्फ पांच किलो 600 ग्राम वजन था। वह अतिकुपोषित था। दोआबा विकास एवं उत्थान समिति के सचिव परवेज रिजवी ने बताया वजन के दौरान ही अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। संस्था के सदस्यों ने उसे जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। इसी मुअज्जमपुर में 50 अन्य बच्चे अतिकुपोषित हैं। इनकी हालत कभी भी बिगड़ सकती है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बच्चों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
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मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के ग्रामसभा तियरा जमालपुर का मजरा है मुअज्जमपुर। इस गांव को जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम के तहत गोद लिया है। इस गांव में जिला प्रशासन और दोआबा विकास एवं उत्थान समिति की ओर से तीन दिवसीय स्नेह शिविर आयोजित किया गया था। शिविर का समापन सोमवार को हुआ।
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इस दौरान डॉ. अलीमा खातून, डॉ. रवीन्द्र प्रताप सिंह आदि चिकित्सकों की टीम ने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। चिकित्सकों ने बताया कि तीन दिनों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान तियरा जमालपुर, महेन्द्र और मुअज्जमपुर गांव में करीब 50 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए हैं। वहीं शिविर के आखिरी दिन दोआबा विकास संस्थान के सचिव परवेज रिजवी और ग्राम विकास अधिकारी आदि ब्लाक के अफसर, कर्मियों ने चौपाल लगाकर सड़क, नाली, चकमार्ग, शौचालय, हैंडपंप, खेल मैदान, आवास आदि विकास कार्यों का प्रस्ताव बनाया।
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संस्था सचिव परवेज रिजवी ने बताया कि कार्ययोजना जिलाधिकारी को भेजकर गांव विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को जिलाधिकारी गांव का दौरा करके कुपोषण और विकास कार्यों के प्रगति हकीकत का जायजा लेंगे। इस मौके पर मुकेश कुमार, अजय सिंह, रेहान अहमद वारिस अली, बड़ेलाल, सुदामा प्रसाद, वसी अहमद, घनश्याम सिंह, श्रीश्याम, भैरव प्रसाद, वीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
मुअज्जमपुर में आयोजित स्नेह शिविर में सोमवार को सोनी गांव के जितेंद्र (3) पुत्र फूलचंद्र का वजन किया गया। तीन साल के जितेंद्र का वजन सिर्फ पांच किलो 600 ग्राम वजन था। वह अतिकुपोषित था। दोआबा विकास एवं उत्थान समिति के सचिव परवेज रिजवी ने बताया वजन के दौरान ही अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। संस्था के सदस्यों ने उसे जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। इसी मुअज्जमपुर में 50 अन्य बच्चे अतिकुपोषित हैं। इनकी हालत कभी भी बिगड़ सकती है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बच्चों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है।