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जालसाज 22 प्रशिक्षु डायट से निष्कासित

Thu, 18 Dec 2014 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी Updated Thu, 18 Dec 2014 01:11 AM IST
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Forger 22 trainee expelled from diet
मंझनपुर। जालसाजी में पकड़े गए बीटीसी 2012 के सभी 22 प्रशिक्षुओं को डायट से बुधवार को निष्कासित कर दिया गया। डायट प्राचार्य ने उनके परीक्षा फार्म भरने पर रोक लगा दी है। प्रशिक्षुओं ने दिल्ली के नाम से फर्जी बोर्ड की इंटरमीडिएट की जाली मार्कशीट लगाकर बीटीसी 2012 में चयन करा लिया था। शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन में उनकी जालसाजी का भंडाफोड़ हुआ था। इस पर 12 दिसंबर को डीएम ने प्रशिुआें का चयन निरस्त कर दिया। साथ ही इनके खिलाफ एफआईआर समेत अन्य कार्रवाई का निर्देश डायट प्राचार्य को दिया था।
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दिल्ली उच्चतर माध्यमिक बोर्ड दिल्ली और सेंटर आरए अजमेर बोर्ड नई दिल्ली की इंटरमीडिएट की जाली मार्कशीट से अर्जुन सिंह, सुशील केसरवानी उर्फ गोलू, अखिलेश सिंह उर्फ कप्तान यादव, विपिन केसरवानी, रेखा देवी, विमला देवी, प्रतिभा सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सुभाष सिंह, सोनू गुप्ता, बृजेश कुमार, ज्योति साहू, सुमन देवी, पूजा सिंह आदि प्रशिक्षुओं ने बीटीसी 2012 में चयन करा लिया था। डायट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा ने बताया कि जब इनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया गया, तो पता चला कि दिल्ली में इन दोनों नाम का कोई बोर्ड ही नहीं है।
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साथ ही इन बोर्ड को एससीईआरटी से मान्यता भी नहीं है। इससे साफ है कि इन अभ्यर्थियों ने जाली मार्कशीट से प्रवेश लिया है। डायट प्राचार्य की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी राजमणि यादव ने 12 दिसंबर को सभी 22 प्रशिक्षुओं का चयन निरस्त कर दिया था। साथ ही डायट प्राचार्य को प्रशिुक्षओं को निष्कासित करने, एससीईआरटी से दिशा निर्देश लेकर एफआईआर कराने का निर्देश दिया था। प्राचार्य ने सोमवार को प्रशिक्षुओं को डायट से निष्कासित कर दिया है। साथ ही इनके परीक्षा फार्म भरने पर भी रोक लगा दी है। डायट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा ने बताया कि निष्कासान का आदेश जारी करके प्रशिक्षुओं के पते पर रजिटर्ड डाक से भेज दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जानकारी एससीईआरटी को भी पत्र भेजकर दी गई है। जल्द ही प्रशिक्षुओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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 डायट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा ने बताया कि बीटीसी चयन 2013 में सीएमजे यूनिवर्सिटी से स्नातक की जाली मार्कशीट के माध्यम से 14 अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण के लिए चयन कर लिया गया था। बाद में गड़बड़ी की आशंका जाहिर होने पर पूर्व प्राचार्य ने इन अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया। आरोप है कि इसकी सूचना राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीआरईटी) को नहीं भेजी गई थी। जिलाधिकारी ने इन अभ्यर्थियों का भी चयन निरस्त करने के साथ ही निष्कासित करने का निर्देश दिया था। प्राचार्य ने इन सभी 14 अभ्यर्थियों को भी बुधवार को निष्कासित करके सूचना एससीईआरटी को भेज दिया है।  

संबंधित प्रशिक्षुओं ने अपना चयन बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। सत्तासीन स्थानीय नेताओं के अलावा सरकार के मंत्रियों का भी दरवाजा खटखटाया जा रहा है। डायट में फर्जीवाड़े के कारण सही अभ्यर्थियों का हक मारा जा रहा है। ऐसी स्थिति में जालसाज प्रशिक्षुओं के कौन मददगार बनता है। यह आगे पता चलेगा। उधर, डायट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा का कहना है कि प्रशिक्षुओं का चयन निरस्त कर दिया गया है। गलत कार्य में किसी की भी सिफारिश नहीं मानी जाएगी।


 फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों से बीटीसी चयन 2012 और 2013 में चयन लेने वाले कुछ अन्य प्रशिक्षुओं पर भी जल्द ही गाज गिरने वाली है। डायट प्राचार्य की नजर इन पर भी है। संदिग्ध प्रशिक्षुओं के कागजातों की जांच प्रवक्ताओं को भेजकर अथवा खुद जाकर प्राचार्य करेंगे। प्राचार्य का दावा है कि अभी भी  कुछ फर्जी प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन्हें कतई बख्सा नहीं जाएगा।
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