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मछुआरों ने डायट में किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
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Fishermen demonstrated in Diet, submitted memorandum
- फोटो : KAUSHAMBI
मछुआरों ने डायट में किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
सांसद ने यमुना में मछली मारने का पट्टा निरस्त करने के लिए डीएम को लिखी चिट्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। यमुना नदी में मछली मारने का पट्टा किए जाने से नाराज कछारी गांवों के सैकड़ों मछुआरों ने शनिवार को डायट मैदान में प्रदर्शन किया। सांसद, विधायक और एडीएम को ज्ञापन सौंपा। मछुआरों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने पट्टा निरस्त करने के लिए डीएम को चिट्ठी लिख दी है।
यमुना किनारे बसे गढ़वा, हिसामबाद, गोपसहसा, कोसम, पाली, सिंघवल, बरमबारी, गुरौली, महेवाघाट आदि गांवों के मछुआरों ने बताया कि हाल ही में जिला प्रशासन ने नदी में मछली मारने का पट्टा कर दिया है। मछुआरों की मानें तो अब पट्टाधारक मछली नहीं मारने दे रहे हैं। इसकी वजह से दो जून की रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। इसी से परेशान मछुआरों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। इसकी जानकारी होने पर सांसद विनोद सोनकर, सदर विधायक लालबहादुर व एडीएम मौके पर पहुंच गए। मछुआरों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। सांसद ने बताया कि सरकार ने मछुआरों को किसान का दर्जा दिया है। उनके साथ किसी तरह की कोई नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पट्टा निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेज दिया गया है। इस मौके पर मृत्युंजय निषाद, बनवारीलाल, गुलाब, रामेश्वर, नवल, अमरनाथ, संवारे, रामप्रकाश, अश्विनी द्विवेदी, बेनी, प्रेम, जुग्गीलाल आदि मौजूद रहे।
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सांसद ने यमुना में मछली मारने का पट्टा निरस्त करने के लिए डीएम को लिखी चिट्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। यमुना नदी में मछली मारने का पट्टा किए जाने से नाराज कछारी गांवों के सैकड़ों मछुआरों ने शनिवार को डायट मैदान में प्रदर्शन किया। सांसद, विधायक और एडीएम को ज्ञापन सौंपा। मछुआरों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने पट्टा निरस्त करने के लिए डीएम को चिट्ठी लिख दी है।
यमुना किनारे बसे गढ़वा, हिसामबाद, गोपसहसा, कोसम, पाली, सिंघवल, बरमबारी, गुरौली, महेवाघाट आदि गांवों के मछुआरों ने बताया कि हाल ही में जिला प्रशासन ने नदी में मछली मारने का पट्टा कर दिया है। मछुआरों की मानें तो अब पट्टाधारक मछली नहीं मारने दे रहे हैं। इसकी वजह से दो जून की रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। इसी से परेशान मछुआरों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। इसकी जानकारी होने पर सांसद विनोद सोनकर, सदर विधायक लालबहादुर व एडीएम मौके पर पहुंच गए। मछुआरों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। सांसद ने बताया कि सरकार ने मछुआरों को किसान का दर्जा दिया है। उनके साथ किसी तरह की कोई नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पट्टा निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेज दिया गया है। इस मौके पर मृत्युंजय निषाद, बनवारीलाल, गुलाब, रामेश्वर, नवल, अमरनाथ, संवारे, रामप्रकाश, अश्विनी द्विवेदी, बेनी, प्रेम, जुग्गीलाल आदि मौजूद रहे।
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