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पटाखे की चिंगारी से घर में लगी आग
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 04 Jun 2015 12:33 AM IST
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नेवादा (कौशाम्बी)। पटाखे की चिंगारी से मंगलवार की रात सरायअकिल के बेरुई गांव के गरीब मजदूर के घर में आग लग गई। आधी रात लगी आग से घर के साथ ही राशन, कपड़े, विस्तर समेत हजारों रुपये का सामान जल गया। घंटों जूझने के बाद ग्रामीण और दमकलकर्मी आग पर काबू पा सके। सूचना पर रात में ही इलाकाई पुलिस ने घटना की छानबीन की।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के बेरुई गांव निवासी रामलौटन गरीब है।
पुश्तैनी खपरैल वाले मकान में पत्नी, बेटे जगदीश (22), अमर प्रकाश (18), बेटी पूजा (14), शिवानी (12), मनीषा (10), कोमल (8), अन्नू (5) के साथ रहता है। परिवार की रोटी के लिए वह काश्तकारों का खेत बटाई पर लेकर खेती करता है। इसके अलावा दोनों बेटों के साथ दूसरे के खेत और अन्य स्थानों पर मजदूरी भी करता है। मंगलवार रात वह परिवार के सभी सदस्यों के साथ खाना खाने के बाद घर के बाहर सो रहा था। रात करीब 1.30 बजे अचानक उसके घर में आग लग गई। घर में लगी आग से जलते सामानों की गंध से जब उसकी नींद खुली तो मकान से लपटें उठती देख उसके होश उड़ गए। मौके पर जुटे गांववालों ने घटना की जानकारी सरायअकिल पुलिस को दी।
सूचना पर दमकलकर्मी के साथ एसओ भी फोर्स लेकर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ घंटों जूझने के बाद दमकलकर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक सारा सामान जलकर राख हो चुका था। भुक्तभोगी के मुताबिक रात में गांव के कुछ लोग आतिशबाजी कर रहे थे। आरोप है कि पटाखे की चिंगारी से ही उसके घर में आग लगी है। उसका कहना है कि आग से उसकी खून-पसीने की कमाई स्वाहा हो गई। अब तक घर में अनाज का एक दाना भी नहीं बचा है। साथ ही बिस्तर, कपड़े, बर्तन भी लपटों की भेंट चढ़ गए। इससे पूरे परिवार के सामने निवाले का संकट खड़ा हो गया है। सुबह लेखपाल ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया।
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सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के बेरुई गांव निवासी रामलौटन गरीब है।
पुश्तैनी खपरैल वाले मकान में पत्नी, बेटे जगदीश (22), अमर प्रकाश (18), बेटी पूजा (14), शिवानी (12), मनीषा (10), कोमल (8), अन्नू (5) के साथ रहता है। परिवार की रोटी के लिए वह काश्तकारों का खेत बटाई पर लेकर खेती करता है। इसके अलावा दोनों बेटों के साथ दूसरे के खेत और अन्य स्थानों पर मजदूरी भी करता है। मंगलवार रात वह परिवार के सभी सदस्यों के साथ खाना खाने के बाद घर के बाहर सो रहा था। रात करीब 1.30 बजे अचानक उसके घर में आग लग गई। घर में लगी आग से जलते सामानों की गंध से जब उसकी नींद खुली तो मकान से लपटें उठती देख उसके होश उड़ गए। मौके पर जुटे गांववालों ने घटना की जानकारी सरायअकिल पुलिस को दी।
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सूचना पर दमकलकर्मी के साथ एसओ भी फोर्स लेकर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ घंटों जूझने के बाद दमकलकर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक सारा सामान जलकर राख हो चुका था। भुक्तभोगी के मुताबिक रात में गांव के कुछ लोग आतिशबाजी कर रहे थे। आरोप है कि पटाखे की चिंगारी से ही उसके घर में आग लगी है। उसका कहना है कि आग से उसकी खून-पसीने की कमाई स्वाहा हो गई। अब तक घर में अनाज का एक दाना भी नहीं बचा है। साथ ही बिस्तर, कपड़े, बर्तन भी लपटों की भेंट चढ़ गए। इससे पूरे परिवार के सामने निवाले का संकट खड़ा हो गया है। सुबह लेखपाल ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया।
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