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अगियौना गांव में आग से तीन मकान जले
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sun, 17 May 2015 12:30 AM IST
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करारी (कौशाम्बी)। संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार की दोपहर अगियौना गांव में आग लग गई। इससे तीन मकान जल गए। घर से उठती लपटें और चीख-पुकार सुनकर जुटे सैकड़ों ग्रामीण तीन घंटे तक आग बुझाने में जूझते रहे। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि जब तक आग बुझती तीनों मकान और लाखों रुपये की गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था। आग कैसे लगी? इसकी जानकारी किसी को नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाने के कारण यह घटना हुई है।
करारी कोतवाली क्षेत्र के अगियौना गांव निवासी गयाप्रसाद पुत्र शिवदानी के यहां शनिवार दोपहर करीब एक बजे अचानक आग लग गई। उस समय परिवार के सभी सदस्य दोपहर का भोजन कर आराम कर रहे थे। आग की तपिश से नींद खुली तो पूरा घर लपटों से घिरा देख परिजनों के होश उड़ गए। चीखते-चिल्लाते घरवाले जान बचाकर बाहर को भागे। चीख-पुकार और घर से उठती लपटें देख गांववालों की भीड़ जमा हो गई। जब तक लोग आग बुझाने की कोशिश करते। तेज हवाओं का साथ पाकर बेकाबू हुई लपटें गयाप्रसाद का घर जलाने के साथ ही पड़ोसी फूलचंद्र और बेला देवी के भी मकानों को अपनी आगोश में ले चुकी थीं।
एक के बाद एक तीन घरों को जलते देख गांववालों के होश उड़ गए। मौके पर जुटे सैकड़ों ग्रामीण आग बुझाने में जुटे। हैंडपंप, नलकूप और तालाब से पानी भर-भरकर लोग आग बुझाने में लगे रहे। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हालांकि गांववाले तब तक तीनों घर जल चुके थे। विस्तर, कपड़े, राशन, बर्तन गृहस्थी का सारा सामान स्वाहा हो गया था। आग कैसे लगी? इसकी सही जानकारी किसी को नहीं है। हालांकि गांववालों का अनुमान है कि खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग ठीक तरीके से बुझाई नहीं गई थी। घर की महिलाओं की इसी लापरवाही से आग लगने की यह घटना हुई। घटना से तीनों परिवार इस तपते मौसम में खुले आसमान के नीचे आ गए।
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करारी कोतवाली क्षेत्र के अगियौना गांव निवासी गयाप्रसाद पुत्र शिवदानी के यहां शनिवार दोपहर करीब एक बजे अचानक आग लग गई। उस समय परिवार के सभी सदस्य दोपहर का भोजन कर आराम कर रहे थे। आग की तपिश से नींद खुली तो पूरा घर लपटों से घिरा देख परिजनों के होश उड़ गए। चीखते-चिल्लाते घरवाले जान बचाकर बाहर को भागे। चीख-पुकार और घर से उठती लपटें देख गांववालों की भीड़ जमा हो गई। जब तक लोग आग बुझाने की कोशिश करते। तेज हवाओं का साथ पाकर बेकाबू हुई लपटें गयाप्रसाद का घर जलाने के साथ ही पड़ोसी फूलचंद्र और बेला देवी के भी मकानों को अपनी आगोश में ले चुकी थीं।
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एक के बाद एक तीन घरों को जलते देख गांववालों के होश उड़ गए। मौके पर जुटे सैकड़ों ग्रामीण आग बुझाने में जुटे। हैंडपंप, नलकूप और तालाब से पानी भर-भरकर लोग आग बुझाने में लगे रहे। करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हालांकि गांववाले तब तक तीनों घर जल चुके थे। विस्तर, कपड़े, राशन, बर्तन गृहस्थी का सारा सामान स्वाहा हो गया था। आग कैसे लगी? इसकी सही जानकारी किसी को नहीं है। हालांकि गांववालों का अनुमान है कि खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग ठीक तरीके से बुझाई नहीं गई थी। घर की महिलाओं की इसी लापरवाही से आग लगने की यह घटना हुई। घटना से तीनों परिवार इस तपते मौसम में खुले आसमान के नीचे आ गए।
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