जालसाजी : बर्खास्त शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज
स्नेहलता ने चायल ब्लॉक क्षेत्र में 26 जून 2019 को अपनी तैनाती कराई। इसके बाद दोबारा उसने अपना समायोजन सिराथू ब्लॉक के रामपुर सुहेला स्थित प्राथमिक विद्यालय में करा लिया। इस बीच विभाग को शिकायत मिली कि स्नेहलता ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे शिक्षिका की नौकरी हासिल की है।
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सिराथू ब्लॉक के रामपुर सुहेला में नियुक्त शिक्षिका की बर्खास्तगी के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिक्षिका पर फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी हासिल करने का आरोप है। आरोपी शिक्षिका के खिलाफ शुक्रवार को एबीएसए ने कोखराज कोतवाली में तहरीर दी थी।
सैनी कोतवाली के केन कनवार गांव निवासी स्नेहलता ने पांच सितंबर 2016 को अमेठी जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में बतौर शिक्षिका नियुक्त पाई थी। महिला ने लगभग दो साल तक नौकरी करने के बाद अपना तबादला कौशाम्बी जिले में करा लिया।
स्नेहलता ने चायल ब्लॉक क्षेत्र में 26 जून 2019 को अपनी तैनाती कराई। इसके बाद दोबारा उसने अपना समायोजन सिराथू ब्लॉक के रामपुर सुहेला स्थित प्राथमिक विद्यालय में करा लिया। इस बीच विभाग को शिकायत मिली कि स्नेहलता ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे शिक्षिका की नौकरी हासिल की है। जानकारी पर किसी ने एसआईटी को पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की।
एसआईटी ने जांच की तो हकीकत से पर्दा उठ गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक के मणिपाल विश्वविद्यालय से संबद्ध राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान सिकंदराबाद (तेलंगाना) से जारी डीईडी (डॉक्टर ऑफ एजूकेशन) का फर्जी दस्तावेज लगा हुआ है। एसआईटी ने बीएसए कौशाम्बी को पत्र लिखकर शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
इस पर बीएसए प्रकाश सिंह ने विभागीय औपचारिकता पूरी करने के बाद बुधवार को आरोपी शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया। शुक्रवार को एबीएसए सिराथू जवाहर यादव की तहरीर पर कोखराज कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर फरार शिक्षिका की तलाश शुरू कर दी है।