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अफसरों ने दिखाई दरियादिली, कर्मचारियों को मिला सुकून
Wed, 08 May 2019 12:53 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशांबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशांबी
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 08 May 2019 12:53 AM IST
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विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय में सन्नाटे का माहौल
- फोटो : kaushambi
लोकसभा चुनाव के बाद जिले के अफसरों ने मंगलवार को राहत महसूस की। अफसरों ने कर्मचारियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से आराम करने का मौका दिया। इसकी वजह से सरकारी दफ्तरों में छुट्टी जैसे हालात दिखे। चुनाव को लेकर करीब महीने भर से जिले के अफसर और कर्मचारियों बेहद व्यस्त रहे।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती के अलावा मतदाता सूची की गड़बड़ी ठीक कराने में अफसर दिन रात माथापच्ची कर रहे थे। आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने में भी पसीना बहा रहे थे। काफी प्रयास के बाद सोमवार को प्रशासन और पुलिस का होमवर्क कारगर साबित हुआ।
बिना किसी विवाद के कौशाम्बी संसदीय सीट में 54.44 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव कराने के बाद ईवीएम स्ट्रांगरूम में जमा कराई गई। इसके बाद अफसरों ने काफी राहत महसूस की। मंगलवार को जिले के सभी कार्यालय तो खुले लेकिन वहां कर्मचारियों की संख्या काफी कम थी। अफसरों ने भी कर्मचारियों की व्यस्तता को लेकर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।
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विकास भवन के सारे दफ्तर तो खुले थे लेकिन वहां दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या काफी कम थी। जो कर्मचारी आए भी वह कुछ जरूरी काम निपटाने के बाद आराम करते ही मिले। कलक्ट्रेट का भी यहीं हाल रहा। हालांकि डीएम मनीष कुमार वर्मा मंगलवार को भी व्यस्त रहे। उन्होंने पहले स्क्रूटनी कराया और फिर स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया।
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मतदान प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती के अलावा मतदाता सूची की गड़बड़ी ठीक कराने में अफसर दिन रात माथापच्ची कर रहे थे। आदर्श आचार संहिता का अनुपालन कराने में भी पसीना बहा रहे थे। काफी प्रयास के बाद सोमवार को प्रशासन और पुलिस का होमवर्क कारगर साबित हुआ।
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बिना किसी विवाद के कौशाम्बी संसदीय सीट में 54.44 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव कराने के बाद ईवीएम स्ट्रांगरूम में जमा कराई गई। इसके बाद अफसरों ने काफी राहत महसूस की। मंगलवार को जिले के सभी कार्यालय तो खुले लेकिन वहां कर्मचारियों की संख्या काफी कम थी। अफसरों ने भी कर्मचारियों की व्यस्तता को लेकर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।
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विकास भवन के सारे दफ्तर तो खुले थे लेकिन वहां दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या काफी कम थी। जो कर्मचारी आए भी वह कुछ जरूरी काम निपटाने के बाद आराम करते ही मिले। कलक्ट्रेट का भी यहीं हाल रहा। हालांकि डीएम मनीष कुमार वर्मा मंगलवार को भी व्यस्त रहे। उन्होंने पहले स्क्रूटनी कराया और फिर स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया।