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Kaushambi News: वैज्ञानिक तकनीकी से अपडेट हुए किसान
Wed, 17 Sep 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:00 AM IST
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कृषि मेले में मौजूद अधिकारी व किसान। स्रोत- कृषि विज्ञान केंद्र प्रशासन
महगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में मंगलवार को तिलहनी फसलों के उत्पादन, वृद्धि, मूल्य संवर्धन और भंडारण की आधुनिक तकनीकों से किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय मेला आयोजित किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार ने किसानों को तिल, मूंगफली और सरसों की खेती की तकनीक की जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने तिलहनी फसलों में उर्वरकों विशेषकर सल्फर के महत्व पर चर्चा की। अपर जिला कृषि अधिकारी ने संतुलित उर्वरक प्रयोग पर बल दिया। वैज्ञानिक डॉ. मीनाक्षी सक्सेना ने मोटे अनाज और स्वयं सहायता समूहों की उपयोगिता बताई।
प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार केशरी ने प्राकृतिक खेती में बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत के महत्व बताए। मेले में इफको, पशुपालन, कृषि, मृदा परीक्षण, मत्स्य विभाग और स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाए। इस मौके पर योगेश साहू, वैज्ञानिक डॉ. आशीष, डाॅ. जितेंद्र कुमार, शेषनाथ यादव, प्रदीप कुमार और विनयधर शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार ने किसानों को तिल, मूंगफली और सरसों की खेती की तकनीक की जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने तिलहनी फसलों में उर्वरकों विशेषकर सल्फर के महत्व पर चर्चा की। अपर जिला कृषि अधिकारी ने संतुलित उर्वरक प्रयोग पर बल दिया। वैज्ञानिक डॉ. मीनाक्षी सक्सेना ने मोटे अनाज और स्वयं सहायता समूहों की उपयोगिता बताई।
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प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार केशरी ने प्राकृतिक खेती में बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत के महत्व बताए। मेले में इफको, पशुपालन, कृषि, मृदा परीक्षण, मत्स्य विभाग और स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाए। इस मौके पर योगेश साहू, वैज्ञानिक डॉ. आशीष, डाॅ. जितेंद्र कुमार, शेषनाथ यादव, प्रदीप कुमार और विनयधर शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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