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पशुपालन के लिए चार हजार किसानों ने मांगा ऋण

Mon, 07 Sep 2020 12:21 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2020 12:21 AM IST
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farmers demanded loan for animal husbandry
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते प्रभावित हुए काम धंधों के कारण दूध के दाम कम होने के बाद भी किसानों के लिए दुग्ध उत्पादन अब भी सबसे पसंदीदा सहायक व्यवसाय बना हुआ है। किसानों को दुग्ध व्यवसाय व पशुपालन में सहायता देने के लिए केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत केसीसी की तर्ज पर ऋण उपलब्ध करा रही है।इसके लिए अब तक जिले के तकरीबन चार हजार किसानों ने आवेदन किया है। इनमें से 455 पशुपालकों को बैंकों ने ऋण भी मुहैया करा दिया है।
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कोरोना संकट काल में आर्थिक गतिविधियां बनाए रखने के लिए सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया था। इसमें किसानों को दुग्ध उत्पादन के लिए ऋण की घोषणा की गई थी। किसानों की जमीन पर बैंकों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर ऋण दिया जाता है। लेकिन जिन किसानों के पास जमीन नहीं है और पशुपालन का काम करते हैं उनके लिए भी सरकार ने केसीसी की तर्ज पर ऋण योजना चालू किया है। पशु पालन विभाग के जरिए बैंकों द्वारा किसानों को कम से कम 20 हजार रुपये प्रति मवेशी की दर से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी पाठक ने बताया कि पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए जिले में 9740 पशुपालकों को शासन ने बैंकों के जरिए ऋण मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के तहत अब तक 3991 पशुपालकों के आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं। इनमें से 455 पशुपालकों को बैंकों ने ऋण भी मुहैया करा दिया है। सीवीओ ने बताया कि योजना से लाभान्वित होने के लिए पराग से जुड़े किसान पराग को व बाकी किसान पशुपालन विभाग के अस्पतालों में इस बाबत फार्म भरकर जमा कर सकते हैं।
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