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गरज के साथ बारिश से सांसत में किसानों की जान
Fri, 15 Feb 2019 12:44 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Fri, 15 Feb 2019 12:44 AM IST
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मंझनपुर। फरवरी महीने में तीसरी बार मौसम का मिजाज बिगड़ने से ठंड फिर बढ़ गई है। बुधवार को सुबह से आसमान में छाए बादल और बूंदाबांदी के चलते लोग दिन भर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। मौसम खराब होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। अगर तेज बारिश हुई तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
फरवरी माह के पहले सप्ताह से लेकर पखवारे भर के भीतर गुरुवार की सुबह मौसम तीसरी बार खराब हुआ। दो बार हुई बारिश से लगातार ठंड बढ़ी थी। इधर बीच चटख धूप हुई तो ठंड गायब होती नजर आई। गुरुवार की सुबह से आसमान में छाए काले बादलों से गरज के साथ छीटे पड़े तो ठंड पुन: लौट आई। दिन में धूप के चलते बदन पर गर्म कपड़े पहनने से पसीना आ रहा था। ऐसे में सुबह-शाम घरों से बाहर न निकलने वाले लोगों ने गर्म कपड़ों को आलमारी व बक्से में रख दिया था। तीसरी बार मौसम खराब होने के कारण लोगों को फिर ऊनी कपड़े निकालने पड़े।
उधर दो बार बारिश होने से खुश हुए किसानों के माथे पर भी इस बार चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बसंत के बाद से खेतों में गेहूं, सरसों, अरहर, चना समेत सभी फसलों में फूल आ गए हैं। उनमें दाने पड़ने के लिए परागण शुरू है। ऐसे में तेज बारिश के चलते फूलों का झड़ना तय है। ऐसे में फूल ले रखी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। खराब मौसम को लेकर जिले का किसान हैरान-परेशान है।
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फरवरी माह के पहले सप्ताह से लेकर पखवारे भर के भीतर गुरुवार की सुबह मौसम तीसरी बार खराब हुआ। दो बार हुई बारिश से लगातार ठंड बढ़ी थी। इधर बीच चटख धूप हुई तो ठंड गायब होती नजर आई। गुरुवार की सुबह से आसमान में छाए काले बादलों से गरज के साथ छीटे पड़े तो ठंड पुन: लौट आई। दिन में धूप के चलते बदन पर गर्म कपड़े पहनने से पसीना आ रहा था। ऐसे में सुबह-शाम घरों से बाहर न निकलने वाले लोगों ने गर्म कपड़ों को आलमारी व बक्से में रख दिया था। तीसरी बार मौसम खराब होने के कारण लोगों को फिर ऊनी कपड़े निकालने पड़े।
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उधर दो बार बारिश होने से खुश हुए किसानों के माथे पर भी इस बार चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बसंत के बाद से खेतों में गेहूं, सरसों, अरहर, चना समेत सभी फसलों में फूल आ गए हैं। उनमें दाने पड़ने के लिए परागण शुरू है। ऐसे में तेज बारिश के चलते फूलों का झड़ना तय है। ऐसे में फूल ले रखी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। खराब मौसम को लेकर जिले का किसान हैरान-परेशान है।
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