कौशांबी : माफिया अतीक के गनर एहतेशाम को खोजना तो दूर उसका का चित्र तक हासिल नहीं कर सकी पुलिस
माफिया अतीक अहमद के सरकारी सुरक्षाकर्मी रहे एहतेशाम को खोजना तो दूर, पुलिस उसकी अब तक तस्वीर तक हासिल नहीं कर सकी। अतीक की सुरक्षा में एहतेशाम की ड्यूटी उसके फूलपुर से सांसद रहने के दौरान लगाई गई थी।
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माफिया अतीक अहमद के सरकारी सुरक्षाकर्मी रहे एहतेशाम को खोजना तो दूर, पुलिस उसकी अब तक तस्वीर तक हासिल नहीं कर सकी। अतीक की सुरक्षा में एहतेशाम की ड्यूटी उसके फूलपुर से सांसद रहने के दौरान लगाई गई थी। राजू पाल हत्याकांड में अतीक के जेल जाने के बाद से एहतेशाम भी लापता है। राजू पाल हत्याकांड में गवाह रहे उमेश पाल की बीती 24 फरवरी को हत्या के बाद पुलिस एहतेशाम को तलाश रही है। अब सवाल यह है कि एहतेशाम पुलिस विभाग में नौकरी करता था तो उसकी तस्वीर तक विभाग के पास कैसे नहीं है?
प्रयागराज की फूलपुर लोकसभा सीट से वर्ष 2004 में माफिया अतीक अहमद सांसद चुना गया था। इसके बाद उसे सरकारी सुरक्षाकर्मी मिले थे। इनमें सरायअकिल कोतवाली के पुरखास गांव का एहतेशाम भी था। पहले भी प्रयागराज में ही तैनात रहा एहतेशाम कुछ ही दिनों में माफिया का बेहद करीबी बन गया। अतीक ने उसे अपना पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी अफसर) बना लिया। एहतेशाम के पास वायरलेस भी हुआ करता था। जिससे अतीक गैंग पुलिस की सारी गतिविधि की जानकारी रखता था।
बिना सूचना गायब रहने के कारण कर दिया गया है बर्खास्त
25 जनवरी 2005 में राजू पाल हत्याकांड में माफिया अतीक का नाम सामने आया तो पुलिस ने उसको जेल भेजा। इसके बाद से एहतेशाम के बारे में कुछ पता नहीं चला। पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो काफी दिनों तक बिना सूचना गायब रहने के कारण एहतेशाम को नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया गया। अब उमेश पाल हत्याकांड के बाद एक बार फिर से एहतेशाम के नाम की चर्चा होने लगी।
बताया जाता है कि पुलिस ने एहतेशाम के बाबत रिकार्ड निकलवाया लेकिन कुछ पता नहीं चला। शुक्रवार को पुलिस ऑफिस का वार्षिक मुआयना करने आए आईजी चंद्रप्रकाश ने स्वीकार किया कि एहतेशाम की तलाश कराई जा रही है। उधर पुलिस एहतेशाम के घरवालों से भी पूछताछ कर चुकी है। घरवालों ने बताया कि अतीक के जेल जाने के बाद से एहतेशाम गांव भी नहीं आया। उसने कभी फोन तक नहीं किया है।