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केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जिलेभर में प्रदर्शन
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मंझनपुर। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सपाइयों ने भाजपा सरकार के विरोध में नारे भी लगाए। बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
प्रदेश संगठन के आह्वान पर पार्टी जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव की अगुवाई में जिले के सपा कार्यकर्ता शुक्रवार को मुख्यालय में इकट्ठा हुए। जुलूस की शक्ल में सड़क पर निलकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा केंद्र और प्रदेश में काबिज भाजपा सरकारों की नीतियों से किसानों, मजदूरों के हितों को गहरा आघात लग रहा है। कहा कि हाल ही में संसद से पास हुए कृषि विधेयकों से कारपोरेट घरानों को सीधे तौर पर फायदा होगा और पहले से परेशान किसान और अधिक परेशान होगा।
उन्होंने कहा कि इससे मजदूरों की भी बदहाली और बढ़ेगी। कृषि और किसान के साथ मजदूर ही कठिन समय में देश की अर्थ व्ववस्था को संभालते हैं। लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार अन्नदाता को ही निशाने पर रखकर उत्पीड़न का शिकार बना रही है। सपा नेताओं ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष भैयालाल पाल, जिलाध्यक्ष यूथ ब्रिगेड शाहनवाज अहमद, आनंद मोहन सिंह पटेल, पूर्व विधायक आशिफ जाफरी, पूर्व प्रदेश सचिव लोहिया वाहिनी महबूब आलम उर्फ सज्जू, कप्तान यादव समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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किसान बिल के विरोध में सकिपा ने बंद कराईं दुकानें, सौंपा ज्ञापन
मंझनपुर। किसान, बेरोजगारी, निजीकरण एवं 50 वर्ष की आयु में सरकारी सेवा से मुक्त किए जाने के विरोध में शुक्रवार को समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सिराथू तहसील के उदहिन बाजार को बंद कराया। किसानों एवं युवा बेरोजगाों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में कार्यकर्ताओं नेे कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। पार्टी मुखिया अजय सोनी ने ज्ञापन में कहा है कि केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार किसान, नवजवान, सरकारी कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
उन्होंने किसान विधेयक वापस लिए जाने, युवाओं को रोजगार मुहैया कराने, प्रवासी मजदूरों, कामगारों को रोजगार मुहैया कराने, अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी मंत्रालय बनाए जाने आदि की मांग की है। इस मौके पर पार्टी जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र केसरवानी, मेवालाल, पदुमनारायण सोनी, अवलेश सिंह, गोविंद मिश्रा, मो. इरशाद, अखिलेश सिंह आदि मौजूद रहे।
किसान बिल के खिलाफ सड़क पर उतरे भाकियू कार्यकर्ता, सौंपा ज्ञापन
मंझनपुर। भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को जिला पंचायत परिसर में सभा कर सरकार के किसान विरोधी विधेयक को रद्द किए जाने की मांग की। इस दौरान किसान नेताओं ने मुख्यालय चौराहे पर एकत्रित होकर पीएम नरेंद्र मोदी को संबोधित अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम मंझनपुर को सौंपा। भाकियू की सभा के दौरान किसानों के तेवर से प्रशासन सहमा रहा। इस दौरान करीब दो घंटे तक प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। भाकियू जिलाध्यक्ष नूरुल इस्लाम ने कहा कि किसानों को उक्त कानून से कारर्पोरेट का बंधुआ बनाए जाने का खतरा सता रहा है। उन्होंने किसान हित में सरकार से तत्काल अध्यादेश वापस लिए जाने की मांग की।
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने सौंपा ज्ञापन
मंझनपुर। किसान विरोधी तीन बिलों के खिलाफ भारतीय किसान मजदूर यूनियन (अराजनैतिक) ने भी शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रट को सौंपा। जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय ने हाल ही में लाए गए विधेयक को किसान मजदूर विरोधी बताया। कहा कि इसे वापस नहीं लिया गया तो किसान ज्वालामुखी की तरह फूट होंगे और व्यापक प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन में कर्जमाफी, बिजली के बढ़े बिल को वापस लेने की मांग की गई। इस मौके पर श्यामबाबू दुबे, रोहित परिहार, देवनाथ, सूरजभान सिंह यादव, विजय शंकर पांडेय, बड़े लाल, दिलकुमार आदि लोग मौजूद रहे।
विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर तैनात रही तीनों सर्किल की पुलिस
मंझनपुर। समाजवादी पार्टी के साथ ही विभिन्न किसान संगठनों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए थे। शुक्रवार की सुबह से ही मंझनपुर चौराहे पर तीनों सर्किल के सीओ व जनपद का पुलिस फोर्स तैनात रहा। बवाल की आशंका से सहमे अफसरों ने फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट रखा। किसी तरह के उपद्रव की हालत में बलवाइयों को चिह्नित करने के लिए ड्रोन कैमरे से प्रदर्शनकारियों की निगरानी की गई।
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प्रदेश संगठन के आह्वान पर पार्टी जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव की अगुवाई में जिले के सपा कार्यकर्ता शुक्रवार को मुख्यालय में इकट्ठा हुए। जुलूस की शक्ल में सड़क पर निलकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा केंद्र और प्रदेश में काबिज भाजपा सरकारों की नीतियों से किसानों, मजदूरों के हितों को गहरा आघात लग रहा है। कहा कि हाल ही में संसद से पास हुए कृषि विधेयकों से कारपोरेट घरानों को सीधे तौर पर फायदा होगा और पहले से परेशान किसान और अधिक परेशान होगा।
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उन्होंने कहा कि इससे मजदूरों की भी बदहाली और बढ़ेगी। कृषि और किसान के साथ मजदूर ही कठिन समय में देश की अर्थ व्ववस्था को संभालते हैं। लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार अन्नदाता को ही निशाने पर रखकर उत्पीड़न का शिकार बना रही है। सपा नेताओं ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष भैयालाल पाल, जिलाध्यक्ष यूथ ब्रिगेड शाहनवाज अहमद, आनंद मोहन सिंह पटेल, पूर्व विधायक आशिफ जाफरी, पूर्व प्रदेश सचिव लोहिया वाहिनी महबूब आलम उर्फ सज्जू, कप्तान यादव समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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किसान बिल के विरोध में सकिपा ने बंद कराईं दुकानें, सौंपा ज्ञापन
मंझनपुर। किसान, बेरोजगारी, निजीकरण एवं 50 वर्ष की आयु में सरकारी सेवा से मुक्त किए जाने के विरोध में शुक्रवार को समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सिराथू तहसील के उदहिन बाजार को बंद कराया। किसानों एवं युवा बेरोजगाों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में कार्यकर्ताओं नेे कलक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। पार्टी मुखिया अजय सोनी ने ज्ञापन में कहा है कि केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार किसान, नवजवान, सरकारी कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
उन्होंने किसान विधेयक वापस लिए जाने, युवाओं को रोजगार मुहैया कराने, प्रवासी मजदूरों, कामगारों को रोजगार मुहैया कराने, अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी मंत्रालय बनाए जाने आदि की मांग की है। इस मौके पर पार्टी जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र केसरवानी, मेवालाल, पदुमनारायण सोनी, अवलेश सिंह, गोविंद मिश्रा, मो. इरशाद, अखिलेश सिंह आदि मौजूद रहे।
किसान बिल के खिलाफ सड़क पर उतरे भाकियू कार्यकर्ता, सौंपा ज्ञापन
मंझनपुर। भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को जिला पंचायत परिसर में सभा कर सरकार के किसान विरोधी विधेयक को रद्द किए जाने की मांग की। इस दौरान किसान नेताओं ने मुख्यालय चौराहे पर एकत्रित होकर पीएम नरेंद्र मोदी को संबोधित अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम मंझनपुर को सौंपा। भाकियू की सभा के दौरान किसानों के तेवर से प्रशासन सहमा रहा। इस दौरान करीब दो घंटे तक प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। भाकियू जिलाध्यक्ष नूरुल इस्लाम ने कहा कि किसानों को उक्त कानून से कारर्पोरेट का बंधुआ बनाए जाने का खतरा सता रहा है। उन्होंने किसान हित में सरकार से तत्काल अध्यादेश वापस लिए जाने की मांग की।
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने सौंपा ज्ञापन
मंझनपुर। किसान विरोधी तीन बिलों के खिलाफ भारतीय किसान मजदूर यूनियन (अराजनैतिक) ने भी शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रट को सौंपा। जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय ने हाल ही में लाए गए विधेयक को किसान मजदूर विरोधी बताया। कहा कि इसे वापस नहीं लिया गया तो किसान ज्वालामुखी की तरह फूट होंगे और व्यापक प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन में कर्जमाफी, बिजली के बढ़े बिल को वापस लेने की मांग की गई। इस मौके पर श्यामबाबू दुबे, रोहित परिहार, देवनाथ, सूरजभान सिंह यादव, विजय शंकर पांडेय, बड़े लाल, दिलकुमार आदि लोग मौजूद रहे।
विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर तैनात रही तीनों सर्किल की पुलिस
मंझनपुर। समाजवादी पार्टी के साथ ही विभिन्न किसान संगठनों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए थे। शुक्रवार की सुबह से ही मंझनपुर चौराहे पर तीनों सर्किल के सीओ व जनपद का पुलिस फोर्स तैनात रहा। बवाल की आशंका से सहमे अफसरों ने फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट रखा। किसी तरह के उपद्रव की हालत में बलवाइयों को चिह्नित करने के लिए ड्रोन कैमरे से प्रदर्शनकारियों की निगरानी की गई।