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Kaushambi News: आंधी-बारिश के 24 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति ठप
Fri, 19 Jun 2026 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:05 AM IST
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सौरई बुजुर्ग में टूटे पोल की जगह नया पोल खड़े करने के लिए की जा रही खुदाई। स्रोत: विभाग
क्षेत्र में बुधवार को आई आंधी और बारिश का असर दूसरे दिन भी देखने को मिला। 24 घंटे बाद भी देवीगंज, चौरई बुजुर्ग, गिरधरपुर, गढ़ी, बारा हवेली, खालसा, दौलतपुर, अलीपुर जीता, कोरियो और निजामई समेत दर्जन भर गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
करीब 30 हजार से अधिक की आबादी बृहस्पतिवार को भीषण गर्मी में बिजली के बिना परेशान रही। बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया और ग्रामीणों को दूर-दराज लगे हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ा।
बुधवार को आई आंधी और बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कड़ा क्षेत्र में करीब 70 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं 12 ट्रांसफार्मर भी खराब हो गया। कई स्थानों पर तार टूटने और लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप हो गई। देर रात तक बिजली कर्मी मरम्मत कार्य में जुटे रहे, लेकिन नुकसान अधिक होने के कारण आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी।
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गर्मी और पेयजल संकट से बेहाल रहे ग्रामीण
बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। पंखे, कूलर और मोटर बंद होने से उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को बाजारों और रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा। कई गांवों में पानी की टंकियां खाली हो गईं, जिससे लोगों को हैंडपंपों के सहारे अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ीं।
उधर, बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आपूर्ति बहाल करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी लगाया गया है।
आंधी और बारिश के कारण कड़ा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में करीब 70 खंभे, 12 ट्रांसफार्मर और तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। प्राथमिकता के आधार पर पहले मेन लाइन चालू कर दी गई है। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। ज्यादा प्रभावित गांवों में मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर हो रहा है। अगले दो दिनों के भीतर सभी फाल्ट दूर कर आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी। -राम कुमार कुशवाहा, अधिशासी अभियंता, मंझनपुर
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करीब 30 हजार से अधिक की आबादी बृहस्पतिवार को भीषण गर्मी में बिजली के बिना परेशान रही। बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया और ग्रामीणों को दूर-दराज लगे हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ा।
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बुधवार को आई आंधी और बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। कड़ा क्षेत्र में करीब 70 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं 12 ट्रांसफार्मर भी खराब हो गया। कई स्थानों पर तार टूटने और लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप हो गई। देर रात तक बिजली कर्मी मरम्मत कार्य में जुटे रहे, लेकिन नुकसान अधिक होने के कारण आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी।
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गर्मी और पेयजल संकट से बेहाल रहे ग्रामीण
बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। पंखे, कूलर और मोटर बंद होने से उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को बाजारों और रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा। कई गांवों में पानी की टंकियां खाली हो गईं, जिससे लोगों को हैंडपंपों के सहारे अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ीं।
उधर, बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आपूर्ति बहाल करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी लगाया गया है।
आंधी और बारिश के कारण कड़ा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में करीब 70 खंभे, 12 ट्रांसफार्मर और तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। प्राथमिकता के आधार पर पहले मेन लाइन चालू कर दी गई है। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। ज्यादा प्रभावित गांवों में मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर हो रहा है। अगले दो दिनों के भीतर सभी फाल्ट दूर कर आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी। -राम कुमार कुशवाहा, अधिशासी अभियंता, मंझनपुर

सौरई बुजुर्ग में टूटे पोल की जगह नया पोल खड़े करने के लिए की जा रही खुदाई। स्रोत: विभाग

सौरई बुजुर्ग में टूटे पोल की जगह नया पोल खड़े करने के लिए की जा रही खुदाई। स्रोत: विभाग