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छह ब्लॉक की ई-गर्वनेंस सेवाएं ठप, सात सौ आवेदन लंबित
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जिले के आठ में से छह ब्लॉक में ई-गर्वनेंस सेवाएं ठप कर दी गई हैं। गलत प्रयोग होने के कारण राज्य स्तर से यूजर आईडी बंद की गई है। सेवाएं बंद होने से प्रभावित ब्लॉकों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के तकरीबन सात सौ आवेदन लंबित हैं। आवेदक ब्लॉक और जनसेवा केंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी समस्या के बाद भी विभागीय अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जिले में पिछले करीब सात सालों से ई-गवर्नेंस सेवाएं संचालित हैं। इन सेवाओं में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र को तहसील के अधिकारियों द्वारा जारी किए जाते हैं। जबकि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए संबंधित ब्लॉक और नगर पंचायत के ईओ के पास आवेदन करना पड़ता है।
जिले के मंझनपुर और सिराथू को छोड़कर बाकी के छह ब्लॉकों में पिछले कई महीने से ई-गवर्नेंस सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। इस कारण जिले के अधिकतर ब्लाकों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। इसके लिए आवेदक जन सेवा केंद्र में आवेदन करने के बाद ब्लॉक में एडीओ पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी के चक्कर काट रहे हैं।
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ब्लॉकों में ठप हुई सेवाओं को लेकर ई गवर्नेंस द्वारा जारी यूजर आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल होना बताया जा रहा है। इससे फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने का खतरा बढ़ता है। इस खतरे को भांपते हुए ई गवर्नेस के स्टेट हेड की तरफ से वर्तमान में जिले के चायल, नेवादा, मूरतगंज, कौशाम्बी, कड़ा और सरसवां ब्लॉक की सेवाएं बंद की गई हैं।
सेवाएं बंद होने के कारण आवेदक परेशान हैं। जिले भर में जन्म-मृत्यु पंजीयन के करीब सात सौ आवेदन अधिकारियों के पोर्टल पर लंबित हैं। अकेले चायल, नेवादा और मूरतगंज ब्लाक में तीन सौ आवेदन पिछले करीब आठ महीने से लंबित हैं। ब्लॉकों के संबंधित खंड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिवों के शिकायत के बाद भी सेवाएं बहाल नहीं हो रही हैं।
एक यूजर आईडी का कई लोग कर रहे इस्तेमाल
ई गवर्नेस के बेहतर और सफल प्रयोग के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव और सहायक विकास अधिकारी को एक-एक यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार कर शासन द्वारा दिया गया है। यूजर आईडी देने के बाद सभी पंचायत सचिवों को अपने हिसाब से इसे तैयार करना होता है।
ताकि उनकी आईडी और पासवर्ड का गलत प्रयोग न हो। लेकिन पंचायत सचिवों के कारण उनकी आईडी और पासवर्ड का कई लोग बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बात की रिपोर्ट मिलते ही शासन स्तर पर सेवाओं को ठप कर दिया गया है। इसको लेकर ई गवर्नेस सोसाइटी द्वारा कई बार ब्लॉकों में तैनात सचिवों को चेतावनी नोटिस भी जारी किया गया। सचिवों की लापरवाही के कारण ब्लॉकों में आवेदकों को भटकना पड़ रहा है।
छह ब्लॉकों में ई-गर्वनेंस सेवा ठप होने के बारे में जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जानकारी कर जल्द ही समस्या निस्तारित कराई जाएगी।
सुजीत कुमार, डीएम
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जिले में पिछले करीब सात सालों से ई-गवर्नेंस सेवाएं संचालित हैं। इन सेवाओं में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र को तहसील के अधिकारियों द्वारा जारी किए जाते हैं। जबकि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए संबंधित ब्लॉक और नगर पंचायत के ईओ के पास आवेदन करना पड़ता है।
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जिले के मंझनपुर और सिराथू को छोड़कर बाकी के छह ब्लॉकों में पिछले कई महीने से ई-गवर्नेंस सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। इस कारण जिले के अधिकतर ब्लाकों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। इसके लिए आवेदक जन सेवा केंद्र में आवेदन करने के बाद ब्लॉक में एडीओ पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी के चक्कर काट रहे हैं।
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ब्लॉकों में ठप हुई सेवाओं को लेकर ई गवर्नेंस द्वारा जारी यूजर आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल होना बताया जा रहा है। इससे फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने का खतरा बढ़ता है। इस खतरे को भांपते हुए ई गवर्नेस के स्टेट हेड की तरफ से वर्तमान में जिले के चायल, नेवादा, मूरतगंज, कौशाम्बी, कड़ा और सरसवां ब्लॉक की सेवाएं बंद की गई हैं।
सेवाएं बंद होने के कारण आवेदक परेशान हैं। जिले भर में जन्म-मृत्यु पंजीयन के करीब सात सौ आवेदन अधिकारियों के पोर्टल पर लंबित हैं। अकेले चायल, नेवादा और मूरतगंज ब्लाक में तीन सौ आवेदन पिछले करीब आठ महीने से लंबित हैं। ब्लॉकों के संबंधित खंड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिवों के शिकायत के बाद भी सेवाएं बहाल नहीं हो रही हैं।
एक यूजर आईडी का कई लोग कर रहे इस्तेमाल
ई गवर्नेस के बेहतर और सफल प्रयोग के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव और सहायक विकास अधिकारी को एक-एक यूजर आईडी और पासवर्ड तैयार कर शासन द्वारा दिया गया है। यूजर आईडी देने के बाद सभी पंचायत सचिवों को अपने हिसाब से इसे तैयार करना होता है।
ताकि उनकी आईडी और पासवर्ड का गलत प्रयोग न हो। लेकिन पंचायत सचिवों के कारण उनकी आईडी और पासवर्ड का कई लोग बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बात की रिपोर्ट मिलते ही शासन स्तर पर सेवाओं को ठप कर दिया गया है। इसको लेकर ई गवर्नेस सोसाइटी द्वारा कई बार ब्लॉकों में तैनात सचिवों को चेतावनी नोटिस भी जारी किया गया। सचिवों की लापरवाही के कारण ब्लॉकों में आवेदकों को भटकना पड़ रहा है।
छह ब्लॉकों में ई-गर्वनेंस सेवा ठप होने के बारे में जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जानकारी कर जल्द ही समस्या निस्तारित कराई जाएगी।
सुजीत कुमार, डीएम