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इच्छा मृत्यु मांगने वाली विवाहिता को जिंदा जलाया
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dowry
करारी। ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर इच्छा मृत्यु मांगने वाली करारी कस्बे की महिला को गुरुवार सुबह ससुरालियों ने केरोसिन छिड़ककर जिंदा जला दिया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने पीड़िता को जिला चिकित्सालय से एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। उसके भाई की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व चेयरमैन और सपा नेता मौला बख्श सहित 12 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
करारी निवासी असगर मदनी पूर्व सभासद हैं। उन्होंने बताया कि उसकी बहन नसरीन जहां का विवाह करीब 23 साल पहले कस्बे के आजाद नगर मोहल्ले में निसार से हुआ था। अभी दो साल पहले निसार की मौत हो चुकी है। आरोप है कि इसके बाद से ससुराली नसरीन को प्रताड़ित करने लगे। उस पर घर छोड़कर भागने का दबाव बनाते थे। नहीं मानने पर अक्सर गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से पिटाई करते थे। नसरीन ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस के साथ एसपी तक से की थी। पर, पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया। इससे परेशान होकर उसने हफ्ते भर पहले राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। इतना बड़ा कदम उठाने के बाद भी पुलिस हरकत में नहीं आई। नतीजतन आरोपियों का हौसला बढ़ा रहा। इल्जाम है कि गुरुवार सुबह बेटे अवैश के सामने ससुरालियों ने महिला को मिट्टी का तेल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। इससे पहले उसकी पिटाई भी की गई।
चीखें सुन मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। सूचना पाकर पहुंचे मायके वालों ने झुलसी महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने एसआरएन अस्पताल प्रयागराज रेफर कर दिया। पीड़ित मायके वालों का कहना है कि पुलिस गंभीर होती तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ कर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के भाई मदनी की तहरीर पर देवर लईक अहमद, देवरानी रेहाना, इनके परिवार के ही कस्बे के पूर्व चेयरमैन और सपा नेता मौला बख्श, उनके बेटे शमसाद, इश्तियाक, इश्तेखार, मो. असलम, अरशद, नफीस, शहजादे, गुलाम तथा शाबिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल किसी भी आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका है।
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पूर्व चेयरमैन बोले, आरोप निराधार
मंझनपुर। पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ सपा नेता मौला बख्श का कहना है कि महिला के मायके वाले राजनैतिक रंजिश के चलते उन्हें व उनके बेटों को फंसा रहे हैं। महिला को प्रताड़ित किए जाने तक की उन्हें जानकारी नहीं है। बिरादरी होने के बावजूद महिला के मायके या उसकी ससुराल आना-जाना भी नहीं रहता है। महिला का भाई सभासद का चुनाव हारा था। तभी से वह खुन्नस रखता है।
एफआईआर लिखकर आरोपियों की तलाश कराई जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। पीड़ित महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
केपी सिंह-इंस्पेक्टर, करारी।
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करारी निवासी असगर मदनी पूर्व सभासद हैं। उन्होंने बताया कि उसकी बहन नसरीन जहां का विवाह करीब 23 साल पहले कस्बे के आजाद नगर मोहल्ले में निसार से हुआ था। अभी दो साल पहले निसार की मौत हो चुकी है। आरोप है कि इसके बाद से ससुराली नसरीन को प्रताड़ित करने लगे। उस पर घर छोड़कर भागने का दबाव बनाते थे। नहीं मानने पर अक्सर गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से पिटाई करते थे। नसरीन ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस के साथ एसपी तक से की थी। पर, पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया। इससे परेशान होकर उसने हफ्ते भर पहले राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। इतना बड़ा कदम उठाने के बाद भी पुलिस हरकत में नहीं आई। नतीजतन आरोपियों का हौसला बढ़ा रहा। इल्जाम है कि गुरुवार सुबह बेटे अवैश के सामने ससुरालियों ने महिला को मिट्टी का तेल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। इससे पहले उसकी पिटाई भी की गई।
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चीखें सुन मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। सूचना पाकर पहुंचे मायके वालों ने झुलसी महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने एसआरएन अस्पताल प्रयागराज रेफर कर दिया। पीड़ित मायके वालों का कहना है कि पुलिस गंभीर होती तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों से सांठगांठ कर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के भाई मदनी की तहरीर पर देवर लईक अहमद, देवरानी रेहाना, इनके परिवार के ही कस्बे के पूर्व चेयरमैन और सपा नेता मौला बख्श, उनके बेटे शमसाद, इश्तियाक, इश्तेखार, मो. असलम, अरशद, नफीस, शहजादे, गुलाम तथा शाबिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल किसी भी आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका है।
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पूर्व चेयरमैन बोले, आरोप निराधार
मंझनपुर। पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ सपा नेता मौला बख्श का कहना है कि महिला के मायके वाले राजनैतिक रंजिश के चलते उन्हें व उनके बेटों को फंसा रहे हैं। महिला को प्रताड़ित किए जाने तक की उन्हें जानकारी नहीं है। बिरादरी होने के बावजूद महिला के मायके या उसकी ससुराल आना-जाना भी नहीं रहता है। महिला का भाई सभासद का चुनाव हारा था। तभी से वह खुन्नस रखता है।
एफआईआर लिखकर आरोपियों की तलाश कराई जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। पीड़ित महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
केपी सिंह-इंस्पेक्टर, करारी।