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डीएम के गोद लिए गांव में नहीं बने शौचालय
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sun, 08 Feb 2015 12:34 AM IST
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मंझनपुर। जिला पंचायतराज अधिकारी ने शनिवार को जिलाधिकारी के गोद लिए लोहिया गांव काजीपुर का निरीक्षण किया। खाते में रकम उपलब्ध होने के बाद भी एक भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया जा सका है। लापरवाही पर भड़के डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। वहीं प्रधान को कारण बताओ नोटिस भेजकर सात दिन में जवाब मांगा है। डीपीआरओ का दावा है कि प्रधान को भी सस्पेंड करके विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।
डीपीआरओ ने 27 लोहिया गांव और गंगा एक्शन प्लान के तहत चयनित 33 गांव और अफसरों के गोद लिए गांवों में शौचालयों के निर्माण के लिए अभियान छेड़ दिया है। डीपीआरओ एक-एक गांवों का दौरा करके शौचालयों की हकीकत खंगालने में जुटे हैं। इसीक्रम में जिला पंचायतराज अधिकारी ने शनिवार को जिलाधिकारी के गोद लिए गांव काजीपुर का निरीक्षण किया। डीपीआरओ ने बताया कि गांव में 100 लोगों को शौचालय आवंटित किए गए हैं। शौचालयों के निर्माण के लिए जनवरी में ही ग्राम पंचायत के खाते में 12 लाख रुपये भी अवमुक्त किया गया है।
डीपीआरओ के मुआयने में एक भी शौचालय की नींव अब तक नहीं रखे जाने का मामला सामने आया है। प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की मनमानी पर भड़के डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। वहीं ग्राम प्रधान श्रीपाल को कारण बताओं नोटिस भेजकर 7 दिन में जवाब मांगा है।
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डीपीआरओ का दावा है कि जवाब आने के बाद प्रधान को भी सस्पेंड करके विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। इससे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। इसी तरह जिला पंचायतराज अधिकारी ने पल्हाना और उमरछा लोहिया गांव का भी मुआयाना किया। डीपीआरओ ने बताया कि उमरछा में 99 लोगों को शौचालयों का आवंटन किया गया है। इसमें 69 लोहिया आवास और 30 गंगा एक्शन प्लान के शौचालय शामिल हैं। डीपीआरओ ने बताया कि लक्ष्य के अनुसार शौचालय नहीं बने थे। वीडीओ धर्मेंद्र पांडेय को नोटिस जारी करके शौचालय निर्माण के लिए सात दिन का समय दिया है। चेताया है कि लापरवाही पर उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा।
विकास खंड मूरतगंज में शनिवार को जिला पंचायतराज अधिकारी ने कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसमें शौचालयों के निर्माण की बिंदुवार समीक्षा की। लक्ष्य के अनुसार शौचालयों का निर्माण नहीं होने पर कर्मचारियों की जमकर क्लास ली। चेतया है कि शौचालयों के निर्माण में मनमानी पर संबंधित वीडीओ को बख्शा नहीं जाएगा।
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डीपीआरओ ने 27 लोहिया गांव और गंगा एक्शन प्लान के तहत चयनित 33 गांव और अफसरों के गोद लिए गांवों में शौचालयों के निर्माण के लिए अभियान छेड़ दिया है। डीपीआरओ एक-एक गांवों का दौरा करके शौचालयों की हकीकत खंगालने में जुटे हैं। इसीक्रम में जिला पंचायतराज अधिकारी ने शनिवार को जिलाधिकारी के गोद लिए गांव काजीपुर का निरीक्षण किया। डीपीआरओ ने बताया कि गांव में 100 लोगों को शौचालय आवंटित किए गए हैं। शौचालयों के निर्माण के लिए जनवरी में ही ग्राम पंचायत के खाते में 12 लाख रुपये भी अवमुक्त किया गया है।
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डीपीआरओ के मुआयने में एक भी शौचालय की नींव अब तक नहीं रखे जाने का मामला सामने आया है। प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की मनमानी पर भड़के डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। वहीं ग्राम प्रधान श्रीपाल को कारण बताओं नोटिस भेजकर 7 दिन में जवाब मांगा है।
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डीपीआरओ का दावा है कि जवाब आने के बाद प्रधान को भी सस्पेंड करके विकास कार्यों के संचालन के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। इससे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। इसी तरह जिला पंचायतराज अधिकारी ने पल्हाना और उमरछा लोहिया गांव का भी मुआयाना किया। डीपीआरओ ने बताया कि उमरछा में 99 लोगों को शौचालयों का आवंटन किया गया है। इसमें 69 लोहिया आवास और 30 गंगा एक्शन प्लान के शौचालय शामिल हैं। डीपीआरओ ने बताया कि लक्ष्य के अनुसार शौचालय नहीं बने थे। वीडीओ धर्मेंद्र पांडेय को नोटिस जारी करके शौचालय निर्माण के लिए सात दिन का समय दिया है। चेताया है कि लापरवाही पर उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा।
विकास खंड मूरतगंज में शनिवार को जिला पंचायतराज अधिकारी ने कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसमें शौचालयों के निर्माण की बिंदुवार समीक्षा की। लक्ष्य के अनुसार शौचालयों का निर्माण नहीं होने पर कर्मचारियों की जमकर क्लास ली। चेतया है कि शौचालयों के निर्माण में मनमानी पर संबंधित वीडीओ को बख्शा नहीं जाएगा।