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Kaushambi News: डीएम ने फाइलेरिया रोग उन्मूलन अभियान का किया शुभारंभ
Fri, 11 Aug 2023 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 11 Aug 2023 12:59 AM IST
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मंझनपुर। फाइलेरिया के खात्मे के लिए शुक्रवार से 19 दिवसीय अभियान प्रारंभ हो गया। सीएमओ कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीएम सुजीत कुमार ने अभियान का शुभारंभ किया। इसी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की 1640 टीमों के जरिये बूथ और घर-घर जाकर खिलाने रवाना हो गईं। डीएम ने जनपदवासियों से हर हाल में दवा खाने की अपील की।
सीएमओ डॉ सुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएगी। इस दवा को वर्ष में सिर्फ एक बार और तीन साल तक लगातार खाना है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गम्भीर और लाइलाज बीमारी है, जो मच्छर काटने से होती है।
इसके लक्षण आने में 05 से 15 वर्ष लग जाते हैं। बताया कि यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित को छोड़कर हर किसी को खानी है। यह दवा खाली पेट नहीं खाना है। दवा खाने के बाद किसी-किसी को जी मिचलाना, चक्कर अथवा उल्टी, सिर दर्द, खुजली की शिकायत हो सकती है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनुपमा मिश्रा ने बताया कि जनपद में अब तक फाइलेरिया के 1045 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इनमें 658 से लिम्फोडीमा और 387 रोगी हाइड्रोसील के हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा के अधीक्षक डॉ मो. सऊद ने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने स्वयं दवा खाने के बाद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों व मौजूद लोगों को दवा खिलाया। कहा कि फाइलेरिया को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हर किसी को दवा खानी चाहिए। इस मौके पर एचईओ प्रभाकर सिंह चंदेल, बीपीएम प्रदीप सिंह, एएनएम काजल सोनकर, संजय पांडेय, रामलोटन यादव, रविकरन आदि उपस्थित रहे।
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सीएमओ डॉ सुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएगी। इस दवा को वर्ष में सिर्फ एक बार और तीन साल तक लगातार खाना है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गम्भीर और लाइलाज बीमारी है, जो मच्छर काटने से होती है।
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इसके लक्षण आने में 05 से 15 वर्ष लग जाते हैं। बताया कि यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोग से पीड़ित को छोड़कर हर किसी को खानी है। यह दवा खाली पेट नहीं खाना है। दवा खाने के बाद किसी-किसी को जी मिचलाना, चक्कर अथवा उल्टी, सिर दर्द, खुजली की शिकायत हो सकती है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अनुपमा मिश्रा ने बताया कि जनपद में अब तक फाइलेरिया के 1045 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इनमें 658 से लिम्फोडीमा और 387 रोगी हाइड्रोसील के हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा के अधीक्षक डॉ मो. सऊद ने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने स्वयं दवा खाने के बाद अन्य स्वास्थ्य कर्मियों व मौजूद लोगों को दवा खिलाया। कहा कि फाइलेरिया को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हर किसी को दवा खानी चाहिए। इस मौके पर एचईओ प्रभाकर सिंह चंदेल, बीपीएम प्रदीप सिंह, एएनएम काजल सोनकर, संजय पांडेय, रामलोटन यादव, रविकरन आदि उपस्थित रहे।