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Kaushambi News: कारोबारी की मौत के मामले में डीएम चित्रकूट पर आठ लाख का जुर्माना
Mon, 28 Aug 2023 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 28 Aug 2023 12:46 AM IST
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मंझनपुर(कौशाम्बी)। चित्रकूट जिले में वर्ष 2017 में रहे जिलाधिकारी पर मोटर यान दुर्घटना दावा अभिकरण ने आठ लाख का जुर्माना लगाया है। डीएम के सरकारी वाहन (टाटा सूमो) से जिले के कारोबारी महेश प्रसाद सिंह की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार की याचिका पर अभिकरण ने यह फैसला सुनाया है।
पइंसा कोतवाली क्षेत्र के कलुवापुर गांव निवासी महेश प्रसाद सिंह नौ अक्तूबर 2017 में कारोबार के चक्कर में बाइक से महेवाघाट जा रहे थे। इस दौरान फतेहपुर जिले के धाता की तरफ से आ रही टाटा सूमो नंबर यूपी 96 जी- 0122 ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
नंबर ट्रेस करने पर पता चला कि वह गाड़ी जिलाधिकारी चित्रकूट के नाम पर पंजीकृत थी। घटना के वक्त वाहन में एसडीएम आरडी राम भी सवार थे। अहम यह कि गाड़ी का बीमा तक नहीं था। कारोबारी महेश की गाड़ी का भी बीमा नहीं था। घटना की रिपोर्ट गाड़ी नंबर के आधार पर मृतक के पिता राय बहादुर सिंह ने दर्ज कराई।
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महेश के घरवालों ने 13 दिसंबर 2017 को मोटर यान दुर्घटना दावा अभिकरण में प्रतिकर के लिए दावा किया। मामले में अभिकरण के पीठासीन अधिकारी अरविंद कुमार उपाध्याय ने चित्रकूट डीएम को दोषी करार देते हुए सात लाख 85 हजार 760 रुपये का प्रतिकर जमा करना का आदेश दिया है। प्रतिकर वाद दाखिल करने की तारीख से सात प्रतिशत साधारण ब्याज दर से भुगतान करने को कहा है।
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पइंसा कोतवाली क्षेत्र के कलुवापुर गांव निवासी महेश प्रसाद सिंह नौ अक्तूबर 2017 में कारोबार के चक्कर में बाइक से महेवाघाट जा रहे थे। इस दौरान फतेहपुर जिले के धाता की तरफ से आ रही टाटा सूमो नंबर यूपी 96 जी- 0122 ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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नंबर ट्रेस करने पर पता चला कि वह गाड़ी जिलाधिकारी चित्रकूट के नाम पर पंजीकृत थी। घटना के वक्त वाहन में एसडीएम आरडी राम भी सवार थे। अहम यह कि गाड़ी का बीमा तक नहीं था। कारोबारी महेश की गाड़ी का भी बीमा नहीं था। घटना की रिपोर्ट गाड़ी नंबर के आधार पर मृतक के पिता राय बहादुर सिंह ने दर्ज कराई।
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महेश के घरवालों ने 13 दिसंबर 2017 को मोटर यान दुर्घटना दावा अभिकरण में प्रतिकर के लिए दावा किया। मामले में अभिकरण के पीठासीन अधिकारी अरविंद कुमार उपाध्याय ने चित्रकूट डीएम को दोषी करार देते हुए सात लाख 85 हजार 760 रुपये का प्रतिकर जमा करना का आदेश दिया है। प्रतिकर वाद दाखिल करने की तारीख से सात प्रतिशत साधारण ब्याज दर से भुगतान करने को कहा है।