फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   district coordinator will get the vehicle allowance

खुशखबरी: जिला समन्वयकों को अब मिलेगा वाहन भत्ता

Sun, 24 Nov 2019 12:12 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
district coordinator will get the vehicle allowance
जिला समन्वयकों को अब वाहन भत्ता भी मिलेगा
विज्ञापन

हर महीने तीन हजार रुपया देगी प्रदेश सरकार, निदेशक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा पत्र
मंझनपुर। सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त किए गए जिला समन्वयकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार अब उन्हें विद्यालयों का निरीक्षण-पर्यवेक्षण कर योजनाओं का अच्छे ढंग से क्रियान्वयन कराने के लिए वाहन भत्ता देगी। इसकी धनराशि तय कर दी गई है। व्यवस्था इसी महीने से कौशाम्बी के साथ सूबे के सभी जनपदों में लागू हो गई है। इस बाबत राज्य परियोजना निदेशक ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भी भेज दिया है।
कौशाम्बी सहित उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिला स्तर पर छह समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। इनका मूल काम अपने-अपने विभाग की विभिन्न योजनाओं का अच्छे तरीके से क्रियान्वयन कराना और राज्य तथा जिले के बीच समन्वय स्थापित करना है। बालिका शिक्षा, प्रशिक्षण, निर्माण, समेकित शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण व सामुदायिक सहभागिता के लिए समन्वयक रखे गए हैं। अभी तक अपना कढाम करने यानी विद्यालयों में चल रही योजनाओं का निरीक्षण-पर्यवेक्षण करने के लिए इन समन्वयकों को यातायात भत्ता (ट्रैवेलिंग अलाउंस/टीए) नहीं मिलता था। इन्हें सबकुछ जेब से ही खर्च करना पड़ता था। नतीजतन योजनाओं का क्रियान्वयन भी ठीक ढंग से नहीं हो पाता था। इधर, बीच कई योजनाओं का विस्तार भी हुआ है। ऐसे में शासन को लगा कि अब समन्वयक जेब से रकम नहीं फूंक पाएंगे। इसे लेकर दस अक्तूबर को लखनऊ में शासन स्तर पर शिक्षा परियोजना परिषद कार्यसमिति की बैठक हुई थी। जिसमें निर्णय लिया गया कि समन्वयकों को इस एक नवम्बर से मार्च 2020 तक यात्रा भत्ता प्रतिमाह तीन हजार रुपये दिया जाएगा। अगले सत्र से इसमें संसोधन किया जा सकता है।
विज्ञापन

जिले में सिर्फ एक समन्वयक
मंझनपुर। खंड शिक्षा अधिकारी सदर डॉ. अविनाश सिंह ने बताया कि कौशाम्बी जिले में सिर्फ एक जिलास्तरीय समन्वयक की तैनाती की गई है। वो प्रशिक्षण का कार्य देखते हैं। बाकी अन्य पांच योजनाओं का समन्वय स्थापित कराने के लिए समन्वयकों की तैनाती नहीं है। योजनाओं पर इसका थोड़ा-बहुत असर भी पड़ रहा है। तैनाती के लिए कई बार शासन को पत्र भेजा गया है। जल्द ही फिर से रिमाइंडर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रुपये दिए तो काम का बोझ भी बढ़ाया
मंझनपुर। सरकार ने वाहन भत्ता देने के साथ समन्वयकों पर काम का बोझ भी बढ़ा दिया है। शासन स्तर पर हुई शिक्षा परियोजना परिषद कार्यसमिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब सभी समन्वयक महीने में 15 दिन विद्यालयों में जाकर योजनाओं की हकीकत खंगालेंगे। प्रतिदिन दो स्कूलों का पर्यवेक्षण करना अनिवार्य होगा। इसकी फोटो सहित अपडेट प्रेरणा ऐप पर करनी होगी। हालांकि समन्वयकों को इसमें कोई आपत्ति नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed