फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Disabled sailor showed the way to flood affected people, did not get payment

Kaushambi News: दिव्यांग नाविक ने बाढ़ प्रभावित लोगों को दिखाई राह, नहीं मिला भुगतान

Fri, 08 Aug 2025 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 08 Aug 2025 01:25 AM IST
विज्ञापन
Disabled sailor showed the way to flood affected people, did not get payment
ग्रामीणों को पार लगाता दिव्यांग नाविक गुंगवा। संवाद
बाढ़... जहां तक नजर जाती है, सिर्फ पानी ही पानी दिखता है। पीड़ितों को घर-परिवार व गृहस्थी बचाने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की चिंता होती है। मंझनपुर व चायलके 11 गांव यमुना के जलस्तर में वृद्धि होने से बाढ़ की चपेट में आ गए। 22 नाविकों ने दिन-रात इनकी मदद की है। पभोसा के गुंगवा ने तो सेवाभाव समझकर ही पीड़ितों की मदद की है।
विज्ञापन

पभोसा निवासी गुंगवा की उम्र तकरीबन 65 साल है। उम्र के इस पड़ाव में उन्होंने करीब हर साल बाढ़ का मंजर देखा है। बाढ़ के पानी में बचपन में परेशानी झेली, युवा अवस्था में बाढ़ से कैसे जूझा जाता है, वह अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उन्हीं दिक्कतों को महसूस करते हुए उन्होंने बाढ़ के दौरान पांच दिन तक लोगों की मदद की है।
विज्ञापन

किसी को बड़हरी पहुंचाया तो किसी को वहां से बाहर जाने का रास्ता दिखाया। उनकी मदद से बीमार सुनीता, रमेश और राजन रात करीब नौ बजे बाढ़ क्षेत्र से निकलकर बाहर आए। सरसवां पीएचसी में इलाज के बाद तबीयत में सुधार हुआ। इसी तरह उन्होंने खुद की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की मदद की है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन


सालों से नहीं हुआ भुगतान

बाढ़ के दौरान लोगों की मदद के बदले नाविकों को प्रतिदिन 644 रुपये मिलने थे। इसके लिए हर साल तहसील से उनकी रिपोर्ट आपदा राहत विभाग को जाती है। वहां से उनको भुगतान मिलता है। पत्रावली भेजने में कुछ गड़बड़ी होने के कारण नाविकों को सालों से भुगतान नहीं मिला। पभोसा के गुंगवा ने भी इस साल पांच व 2022 में 15 दिन नाव चलाई। लेकिन, उन्हें भुगतान नहीं मिला। इसी प्रकार भवंसुरी के गुलशन को 2013, 015, 019 व 022 में भी भुगतान नहीं मिला। गांव के नन्हूं को भी बीते साल 16 दिन नाव चलाने का भुगतान नहीं मिला है।


सभी नाविकों को काम के बाद लेखपाल के सत्यापन के बाद भुगतान होता है। दस्तावेजों में कमी के कारण हो सकता है कि भुगतान नहीं हुआ हो, इसकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी चूक के कारण भुगतान नहीं हुआ तो उसको दूर करते हुए भुगतान कराया जाएगा। - एसपी वर्मा, एसडीएम, मंझनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed