Kaushambi : डरी न झुकी, पर पुलिस के सिस्टम से हार गई मर्दानी, आरोपी लगातार दे रहे थे धमकी
मृतका के पिता घटना के बारे में पूछने पर फफक पड़ते हैं। कुछ शब्द बोलने के बाद उनका गला भर जाता है। वह बताते हैं कि उनकी दो बेटी और दो बेटाें में पीड़िता दूसरे नंबर की थी। बिटिया हाईस्कूल तक पढ़ी थी। मई 2022 में परिवार के सदस्य खेत में थे, तभी पड़ोसी पवन निषाद ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया था।
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दुष्कर्म पीड़िता के दुखद अंत से हर कोई अवाक है। दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़िता ने डटकर मुकाबला किया। आरोपी को जेल भिजवाया फिर राजनीति में सक्रिय होकर अपने जैसी ही पीड़ितों की मदद करने लगी। जेल से छूटने के बाद आरोपी उसे मुकदमे में सुलह करने के लिए धमकी देते रहे, लेकिन वह झुकी नहीं। तीन बार शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिणामस्वरूप बेखौफ हमलावरों ने मर्दानी को कुल्हाड़ी से हमलाकर मार डाला।
मृतका के पिता घटना के बारे में पूछने पर फफक पड़ते हैं। कुछ शब्द बोलने के बाद उनका गला भर जाता है। वह बताते हैं कि उनकी दो बेटी और दो बेटाें में पीड़िता दूसरे नंबर की थी। बिटिया हाईस्कूल तक पढ़ी थी। मई 2022 में परिवार के सदस्य खेत में थे, तभी पड़ोसी पवन निषाद ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। यह पहले से मालूम था कि पवन का भाई अशोक हत्या कर चुका है। इसके बाद भी बेटी डरी नहीं। उसने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवाया।
इसे लेकर पवन के घरवाले रंजिश मानने लगे थे। घटना के बाद उसने अपने जैसी पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए राजनीति में कदम बढ़ाया। साल भर पहले एक राजनैतिक दल ने बेटी को महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। नवरात्र पर आरोपी पवन निषाद जेल से छूटकर आ गया। इसके बाद से पवन व उसका भाई अशोक मुकदमे में सुलह करने के लिए धमकी देने लगे। इसकी महीने भर में तीन बार पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
सोमवार को भी आरोपी गाली-गलौज कर रहे थे। बेटी अपनी भाभी के साथ पुलिस से शिकायत करने गई थी। हर बार की तरह इस बार भी पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया और बेखौफ हमलावरों ने बेटी पर कुल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
बवाल की आशंका पर सतर्क रही पुलिस
हत्याकांड के बाद बवाल की आशंका पर पुलिस सतर्क रही। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर अंत्येष्टि स्थल तक पुलिस का पहरा रहा। मृतका के गांव में सीओ सिटी अभिषेक सिंह, महेवाघाट, पश्चिमशरीरा, कौशाम्बी और महिला थाने की पुलिस के साथ मौजूद रहे। क्यूआटी के जवानों को यहां लगाया गया था। शाम करीब पांच बजे यमुना किनारे अंतिम संस्कार हो जाने पर पुलिस ने राहत महसूस की।
पीड़ित परिवार से बोले एडीजी, अपराधी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे
महेवाघाट कोतवाली इलाके में सोमवार को दुष्कर्म पीड़िता की हत्या की खबर पर देर रात एडीजी भानु भाष्कर, आईजी चंद्रप्रकाश पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात करने पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। पीड़ित परिवार से कहा कि अपराधी जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे। सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने अफसरों के साथ खुलासे के लिए बनाई गई रणनीति पर चर्चा की।
दुधमुंहे बच्चों संग घर लौटी आरोपी की पत्नी
दुष्कर्म पीड़िता की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद आरोपी पक्ष के लोग घर में ताला बंद कर भाग निकले थे। एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने घटना के खुलासे के लिए तीन टीमों को लगाया है। पुलिस ने रात को यमुना किनारे कांबिंग भी की, लेकिन कोई नहीं मिला। इस बीच घटना के मुख्य आरोपी अशोक की पत्नी मंगलवार को अपने जुड़वा बच्चों संग घर लौटी।
महिला ने महीने भर पहले ही बच्चों को जन्म दिया था। गांव में मृतका के घर के बाहर तो भारी भीड़ रही, लेकिन आरोपी के यहां एक भी व्यक्ति हाल जानने नहीं पहुंचा। उधर, चर्चा रही कि आरोपियों ने पहले ही ठान लिया था हत्या करनी है। इसलिए जब पीड़िता पुलिस से शिकायत करने गई तो आरोपी पक्ष के घर की महिलाएं जरूरी सामान व मवेशियों को लेकर सुरक्षित स्थान पर चली गई थीं।
अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर की घटना की निंदा
महेवाघाट कोतवाली इलाके में दुष्कर्म पीड़िता की हत्या के मामले में आजाद हिंद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर घटना की निंदा की। कहा कि पुलिस घटना की असलियत को छुपा कर इसे मात्र पुरानी रंजिश बता रही है, जो निंदनीय है। प्रदेश सरकार बहू-बेटियों की सुरक्षा में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा व घर के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग की। साथ ही इंसाफ की लड़ाई में उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है।