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Kaushambi News: छठ महापर्व पर भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु, घाटों पर रही भीड़
Tue, 28 Oct 2025 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 28 Oct 2025 01:36 AM IST
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पुलिस लाइन परिसर स्थित तालाब के किनारे डाला छठ पर पूजा करती महिलाएं। संवाद
कबरी घाट पर सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ छठ का महापर्व मनाया गया। व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान भास्कर की उपासना की। घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। ऐसे में पूरे वातावरण में छठ मइया के गीतों की गूंज सुनाई दी।
यह पर्व बिहार और पूर्वांचल का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। यहां रहने वाले पूर्वांचल और बिहार के लोगों ने पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना की। सोमवार को महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद महिलाओं ने घाट पर पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
स्वास्थ्य विभाग मंझनपुर में कार्यरत बिहार के गोपालगंज निवासी विपिन यादव अपने परिवार के साथ पूजा में शामिल हुए। वहीं जीता देवी (दरियापुर), मालती देवी (गाजीपुर), किरण टंडन, मीरा टंडन, रेनू टंडन, अनीता टंडन, लीला देवी, कौशल्या देवी, ममता सहगल, पूनम देवी आदि व्रती महिलाओं ने छठ मइया की आराधना की।
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नगर पंचायत दारानगर कड़ा धाम की ओर से साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की गई थी। घाट पर भक्तों ने लोकगीत गाए और आस्था का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। इसी प्रकार गंगा के बदनपुर घाट पर चायल क्षेत्र की महिलाओं ने पूजा की।
सूर्य देव को संध्या अर्घ्य देकर मांगी परिवार की कुशलता
पुलिस लाइन परिसर स्थित मंदिर के पास बने तालाब में छठ पर्व के अवसर पर महिलाओं ने स्नान कर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किए। पूजा स्थल छठ मैया के जयकारों से गूंज उठा। छठ पर्व को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जल और सूर्य के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। पुलिस लाइन, जिला जेल और टेवां गांव की तमाम महिलाएं व्रत में शामिल रहीं। राधिका शुक्ला, सनी देवी त्रिपाठी, वंदना पांडेय और चाहत देवी पांडेय सहित अनेक महिलाओं ने पूजा-अर्चना की।
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यह पर्व बिहार और पूर्वांचल का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। यहां रहने वाले पूर्वांचल और बिहार के लोगों ने पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना की। सोमवार को महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। 36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद महिलाओं ने घाट पर पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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स्वास्थ्य विभाग मंझनपुर में कार्यरत बिहार के गोपालगंज निवासी विपिन यादव अपने परिवार के साथ पूजा में शामिल हुए। वहीं जीता देवी (दरियापुर), मालती देवी (गाजीपुर), किरण टंडन, मीरा टंडन, रेनू टंडन, अनीता टंडन, लीला देवी, कौशल्या देवी, ममता सहगल, पूनम देवी आदि व्रती महिलाओं ने छठ मइया की आराधना की।
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नगर पंचायत दारानगर कड़ा धाम की ओर से साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की गई थी। घाट पर भक्तों ने लोकगीत गाए और आस्था का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। इसी प्रकार गंगा के बदनपुर घाट पर चायल क्षेत्र की महिलाओं ने पूजा की।
सूर्य देव को संध्या अर्घ्य देकर मांगी परिवार की कुशलता
पुलिस लाइन परिसर स्थित मंदिर के पास बने तालाब में छठ पर्व के अवसर पर महिलाओं ने स्नान कर भगवान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किए। पूजा स्थल छठ मैया के जयकारों से गूंज उठा। छठ पर्व को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जल और सूर्य के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। पुलिस लाइन, जिला जेल और टेवां गांव की तमाम महिलाएं व्रत में शामिल रहीं। राधिका शुक्ला, सनी देवी त्रिपाठी, वंदना पांडेय और चाहत देवी पांडेय सहित अनेक महिलाओं ने पूजा-अर्चना की।

पुलिस लाइन परिसर स्थित तालाब के किनारे डाला छठ पर पूजा करती महिलाएं। संवाद