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देवीगंज हादसा: एक की विदाई नहीं हुई, दूसरी की टल गई बरात
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Deviganj accident: One did not farewell, the other was postponed
- फोटो : KAUSHAMBI
शहजादपुर निवासी रिटायर सहकारी समिति के सचिव मोहनलाल के यहां खुशियों को ग्रहण लग गया। बरात के दिन हुए हादसे में जहां बेटी, नाती, भयाहू व भतीजी की हादसे में मौत के बाद नई बहू की विदाई नहीं हुई। इसके अलावा दूसरे भाई के बेटे की शादी को भी फिलहाल टालना पड़ा।
घटना की जानकारी पर होने वाले नए रिश्तेदार भी घर पहुंचे और उन्होंने भी शोकाकुल परिवार की इच्छा मान ली।
शहजादपुर गांव निवासी मोहनलाल के बेटे पंकज की शादी के दिन ऐसा कहर बरपा जिसे शायद परिवार के लोग जिंदगी भर नहीं भुला सकेंगे। हादसे में मोहनलाल ने अपनी बेटी शशि, नाती ओम और छोटे भाई बसंत लाल की पत्नी प्रकाशिनी व भतीजी नेहा को खो दिया है।
घटना में एक साथ आठ लोगों की मौत के बाद परिवार सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहा है। इसी वजह से फिलहाल पंकज की पत्नी विमला को विदा नहीं कराया गया। उधर, घटना के बाद बसंतलाल ने शवों को मुखाग्नि दी। इससे बसंतलाल के बड़े भाई अशोक के बेटे विजय की शादी को भी टालना पड़ा।
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विजय की शादी प्रयागराज के झूंसी में तय है और 11 दिसंबर को बरात जानी थी। लड़की व वर पक्ष की तरफ से शादी की सारी तैयारी हो चुकी थी। गेस्ट हाउस, बैंड, हलवाई आदि सब बुक पर है, घर में छाए मातम के कारण सारी बुकिंग रद्द करनी पड़ी है।
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घटना की जानकारी पर होने वाले नए रिश्तेदार भी घर पहुंचे और उन्होंने भी शोकाकुल परिवार की इच्छा मान ली।
शहजादपुर गांव निवासी मोहनलाल के बेटे पंकज की शादी के दिन ऐसा कहर बरपा जिसे शायद परिवार के लोग जिंदगी भर नहीं भुला सकेंगे। हादसे में मोहनलाल ने अपनी बेटी शशि, नाती ओम और छोटे भाई बसंत लाल की पत्नी प्रकाशिनी व भतीजी नेहा को खो दिया है।
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घटना में एक साथ आठ लोगों की मौत के बाद परिवार सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहा है। इसी वजह से फिलहाल पंकज की पत्नी विमला को विदा नहीं कराया गया। उधर, घटना के बाद बसंतलाल ने शवों को मुखाग्नि दी। इससे बसंतलाल के बड़े भाई अशोक के बेटे विजय की शादी को भी टालना पड़ा।
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विजय की शादी प्रयागराज के झूंसी में तय है और 11 दिसंबर को बरात जानी थी। लड़की व वर पक्ष की तरफ से शादी की सारी तैयारी हो चुकी थी। गेस्ट हाउस, बैंड, हलवाई आदि सब बुक पर है, घर में छाए मातम के कारण सारी बुकिंग रद्द करनी पड़ी है।