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Kaushambi News: बाजार से देशी संतरा गायब, अब माल्टा से हो रही पूर्ति
Sat, 06 Sep 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 06 Sep 2025 01:13 AM IST
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मंझनपुर चौराहे पर लगी फल की दुकान। संवाद
- फोटो : mathura
बाजार से देशी संतरा लगभग 15 दिन पहले गायब हो गया है। संतरे की जगह अब माल्टा से पूर्ति की जा रही है जिसकी कीमतें आसमान छू रही हैं। फिलहाल माल्टा 220 से 270 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इसकी वजह से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ गया है।
फल विक्रेताओं का कहना है कि इस बार संतरे की पैदावार कम है जिससे बाजार में देशी संतरा उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में लोगों को महंगा माल्टा खरीदना पड़ रहा है। इसके साथ ही अन्य फलों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं।
कीवी, जो पहले 100 रुपये में चार मिलती थी, अब वही तीन मिल रही है। नाशपाती की कीमत 80 रुपये किलो से बढ़कर 140 रुपये किलो तक पहुंच गई है।
फल विक्रेता अकरम ने बताया कि सप्लाई कम होने और ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से दाम बढ़े हैं। पठान ने कहा कि ग्राहकों की सबसे ज्यादा मांग संतरे की रहती है लेकिन इस बार संतरा न होने से लोग माल्टा खरीदने को मजबूर हैं। बंटी ने बताया कि बढ़ी हुई कीमतों से बिक्री पर भी असर पड़ा है। लोग अब जरूरत के हिसाब से ही फल खरीद रहे हैं जिससे व्यापारियों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है। वहीं ग्राहकों का कहना है कि फल पहले से ही महंगे थे। अब कीमतें और बढ़ जाने से उन्हें रोजाना फल खरीदना मुश्किल हो गया है।
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फल विक्रेताओं का कहना है कि इस बार संतरे की पैदावार कम है जिससे बाजार में देशी संतरा उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में लोगों को महंगा माल्टा खरीदना पड़ रहा है। इसके साथ ही अन्य फलों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं।
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कीवी, जो पहले 100 रुपये में चार मिलती थी, अब वही तीन मिल रही है। नाशपाती की कीमत 80 रुपये किलो से बढ़कर 140 रुपये किलो तक पहुंच गई है।
फल विक्रेता अकरम ने बताया कि सप्लाई कम होने और ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से दाम बढ़े हैं। पठान ने कहा कि ग्राहकों की सबसे ज्यादा मांग संतरे की रहती है लेकिन इस बार संतरा न होने से लोग माल्टा खरीदने को मजबूर हैं। बंटी ने बताया कि बढ़ी हुई कीमतों से बिक्री पर भी असर पड़ा है। लोग अब जरूरत के हिसाब से ही फल खरीद रहे हैं जिससे व्यापारियों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है। वहीं ग्राहकों का कहना है कि फल पहले से ही महंगे थे। अब कीमतें और बढ़ जाने से उन्हें रोजाना फल खरीदना मुश्किल हो गया है।
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