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डेंगू से नगर पंचायत के बाबू की मौत

Wed, 19 Oct 2016 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Wed, 19 Oct 2016 12:28 AM IST
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डेंगू से जिले में एक और मौत हो गई है। अबकी इसका शिकार बने हैं नईम मियां का पूरा के फूलचंद्र पाल। वह इलाहाबाद के झूंसी नगर पंचायत में बाबू के पद पर कार्यरत थे। लिपिक की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। इनके अलावा चलौली गांव के नौ अन्य लोग डेंगू से बीमार हैं। सभी लोग इलाहाबाद के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें चायल तहसील अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष भी शामिल हैं।
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  नईम मियां का पूरा निवासी फूलचंद्र पाल (45) इलाहाबाद के झूंसी नगर पंचायत में लिपिक के पद पर तैनात थे। एक हफ्ता पहले उनके तबियत खराब हुई। परिजनों ने इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया तो पता चला कि डेंगू है। इलाज चल रहा था। सोमवार की रात फूलचंद्र की मौत हो गई। इससे उनके घर में हाहाकार मचा हुआ है। मंगलवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। डेंगू ने घर-घर दस्तक देना शुरू कर दिया है। चलौली गांव के अधिवक्ता मानसिंह, प्रमोद कुमार, अनिल कुमार, शैलेंद्र कुमार, लोकेश कुमार, शुभभ कुमार, राकेश सिंह, प्रमोद सिंह, राहुल सिंह भी डेंगू की चपेट में हैं। इनका भी इलाज इलाहाबाद के निजी अस्पतालों में चल रहा है। डेंगू से हो रही लगातार मौतों से जिले में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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तीन दिन के भीतर तीन की मौत
 डेंगू से जिले में तीन दिन के भीतर तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें मनौरी बाजार की खुशी (11) की रविवार को मौत हुई। वह एक हफ्ते से बीमार थी। सैनी के पथरावां गांव की गायत्री देवी की सोमवार को मौत हुई। वह भी डेंगू की चपेट में थी और उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार की रात लिपिक फूलचंद्र पाल ने दम तोड़ दिया। जनपद में लगातार डेंगू से मौतें हो रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा है।
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वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू से हो रही मौतों को लेकर संजीदा नहीं है। लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन एहतियाती कदम अभी तक नहीं उठाए गए हैं। नगर पंचायतों में फागिंग नहीं कराई जा रही है। न ही लारवे की जांच विभाग करा रहा है। लारवा की जांच न होने से यही नहीं स्पष्ट हो रहा है कि आखिर जिले में डेंगू की हकीकत क्या है।
सीएमओ डॉ. एसके उपाध्याय का कहना है कि फागिंग कराई जा रही है। अझुवा व चलौली गांव में फागिंग हो चुकी है। यह अभियान अभी चलेगा। लारवा की जांच हम नहीं करा सकते हैं। डेंगू से मरीजों को बचाने का सारा प्रयास किया जा रहा है।


फागिंग नहीं होने से लोगों में गुस्सा
 अजुहा कस्बे में कई महीनों से फांगिग नहीं कराई जा रही है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। कस्बा निवासी राजेश कुमार, अमित कुमार आदि का कहना है कि अधिशासी अधिकारी को कई बार अवगत कराया गया। फिर भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
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