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अल्ट्रासाउंड सेंटर पर हो रहा था प्रसव, अस्पताल संचालक गिरफ्तार
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Delivery was happening at ultrasound center, hospital operator arrested
- फोटो : KAUSHAMBI
पिपरी कोतवाली के तिल्हापुर मोड़ बाजार स्थित अस्पताल में दो दिन पहले लापरवाही के चलते हुई प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पास अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने का आदेश है। प्रसव कराने का कोई लाइसेंस नहीं मिला।
तिल्हापुर मोड़ निवासी बबलू केसरवानी की पत्नी मोनी (22) को प्रसव के लिए बुधवार को बाजार के ही गणेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यहां पर बृहस्पतिवार की सुबह एक नवजात को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत हो गई। नाराज परिजनों ने अस्पताल संचालक अरविंद गुप्ता पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर अस्पताल संचालक फरार हो गया। पुलिस ने मामले में आरोपी अस्पताल संचालक सहित तीन अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक महिला को हिरासत में ले लिया था। दूसरे दिन पुलिस ने अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने अस्पताल संचालक से अस्पताल का लाइसेंस मांगा तो वह नहीं दिखा सका। पूछताछ में पता चला कि उसके पास केवल अल्ट्रासाउंड चलाने का लाइसेंस था। इसके बाद भी वह अस्पताल में प्रसव कराता था। उसके पास मरीजों के इलाज के लिए कोई डिग्री नहीं है।
नाम और जगह बदलकर चला रहा अस्पताल
अस्पताल संचालक को हिरासत में लेने के बाद पिपरी पुलिस ने बताया कि अपने आप को डॉक्टर बताने वाला अस्पताल संचालक जालसाज है। इसके पास किसी भी प्रकार की डिग्री नहीं है।
दो साल पहले तिल्हापुर मोड़ बाजार में ही इस कथित डॉक्टर ने गायत्री नर्सिंग होम के नाम से अस्पताल खोला था। यहां पर भी लापरवाही के चलते एक प्रसूता की मौत होने के बाद इसने अपना अस्पताल बंद कर दिया और दूसरे स्थान पर गणेश नर्सिंग होम के नाम से संचालक करने लगा। लोगों ने बताया कि इस अस्पताल में आए दिन मरीज डाक्टर की लापरवाही का शिकार होते रहते हैं।
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तिल्हापुर मोड़ निवासी बबलू केसरवानी की पत्नी मोनी (22) को प्रसव के लिए बुधवार को बाजार के ही गणेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यहां पर बृहस्पतिवार की सुबह एक नवजात को जन्म देने के बाद प्रसूता की मौत हो गई। नाराज परिजनों ने अस्पताल संचालक अरविंद गुप्ता पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर अस्पताल संचालक फरार हो गया। पुलिस ने मामले में आरोपी अस्पताल संचालक सहित तीन अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक महिला को हिरासत में ले लिया था। दूसरे दिन पुलिस ने अस्पताल संचालक को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने अस्पताल संचालक से अस्पताल का लाइसेंस मांगा तो वह नहीं दिखा सका। पूछताछ में पता चला कि उसके पास केवल अल्ट्रासाउंड चलाने का लाइसेंस था। इसके बाद भी वह अस्पताल में प्रसव कराता था। उसके पास मरीजों के इलाज के लिए कोई डिग्री नहीं है।
नाम और जगह बदलकर चला रहा अस्पताल
अस्पताल संचालक को हिरासत में लेने के बाद पिपरी पुलिस ने बताया कि अपने आप को डॉक्टर बताने वाला अस्पताल संचालक जालसाज है। इसके पास किसी भी प्रकार की डिग्री नहीं है।
दो साल पहले तिल्हापुर मोड़ बाजार में ही इस कथित डॉक्टर ने गायत्री नर्सिंग होम के नाम से अस्पताल खोला था। यहां पर भी लापरवाही के चलते एक प्रसूता की मौत होने के बाद इसने अपना अस्पताल बंद कर दिया और दूसरे स्थान पर गणेश नर्सिंग होम के नाम से संचालक करने लगा। लोगों ने बताया कि इस अस्पताल में आए दिन मरीज डाक्टर की लापरवाही का शिकार होते रहते हैं।