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नदी में डूबने से दो किशोरों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 30 Aug 2015 01:13 AM IST
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नेवादा (कौशाम्बी)। बहनों के साथ कजरी धुलने गए दो किशोरों की नदी में डूबने से मौत हो गई। शनिवार की सुबह दोनों किलनहाई नदी गए थे। हादसा देख साथ रही बच्चियां और महिलाएं चीखने-चिल्लाने लगीं। चीख-पुकार सुन गांव के लोग जब तक घटनास्थल पहुंच डूबे बच्चों को बाहर निकालते उनकी सांसें थम चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को नदी से बाहर निकलवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद से मृतकों के घर कोहराम मचा है।
रक्षा बंधन से पूर्व पखवारे भर पहले रोपी गई कजरी को धुलने की परंपरा है। गांवों की बहन-बेटियां भारी तादाद में नदी और पोखरों में जाकर कजरी धुलती है। शनिवार की सुबह कनैली गांव निवासी शिवम (13) पुत्र रामेन्द्र कुमार उर्फ मुन्नू, अभिषेक कुमार (14) पुत्र शिवबाबू घर और परिवार की बहनों के साथ किलनहाई नदी पर गए थे। बताया जा रहा है नहाते समय दोनों बच्चे गहरे पानी में जाकर डूबने लगे।
भाईयों को डूबते देख बच्चियां और महिलाएं चीखते हुए बचाने का प्रयास करने लगीं। मगर दोनों किशोर गहरे में जाकर डूब चुके थे। महिलाओं और बच्चों की चीख सुनकर आस-पास और गांव के लोग भागकर नदी किनारे पहुंचे। स्थानीय गोताखोर नदी में डुबकी लगाकर घंटों बच्चों को खोजते रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह नदी में डूबे बच्चों को बाहर निकलवाया। मगर उनकी सासें थम चुकी थीं। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए। हादसे में बच्चों की मौत से परिवारों में कोहराम मचा है।
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रक्षा बंधन से पूर्व पखवारे भर पहले रोपी गई कजरी को धुलने की परंपरा है। गांवों की बहन-बेटियां भारी तादाद में नदी और पोखरों में जाकर कजरी धुलती है। शनिवार की सुबह कनैली गांव निवासी शिवम (13) पुत्र रामेन्द्र कुमार उर्फ मुन्नू, अभिषेक कुमार (14) पुत्र शिवबाबू घर और परिवार की बहनों के साथ किलनहाई नदी पर गए थे। बताया जा रहा है नहाते समय दोनों बच्चे गहरे पानी में जाकर डूबने लगे।
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भाईयों को डूबते देख बच्चियां और महिलाएं चीखते हुए बचाने का प्रयास करने लगीं। मगर दोनों किशोर गहरे में जाकर डूब चुके थे। महिलाओं और बच्चों की चीख सुनकर आस-पास और गांव के लोग भागकर नदी किनारे पहुंचे। स्थानीय गोताखोर नदी में डुबकी लगाकर घंटों बच्चों को खोजते रहे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह नदी में डूबे बच्चों को बाहर निकलवाया। मगर उनकी सासें थम चुकी थीं। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिए। हादसे में बच्चों की मौत से परिवारों में कोहराम मचा है।
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