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बैंक में साढ़े तीन लाख की हेराफेरी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:28 AM IST
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बड़ौदा ग्रामीण बैंक की शाखा म्योहर में खाताधारकों से लाखों रुपये की हेराफेरी की गई है। दूसरी पासबुक बनाकर सहायक मैनेजर ने खातों से रुपया निकालकर शातिरों को दे दिया है। इसका खुलासा हुआ तो मैनेजर ने सहायक के खिलाफ करारी थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
बड़ौदा ग्रामीण बैंक की शाखा म्योहर से दस खातों से रुपया दूसरों को दिया गया है। ये फर्जीवाड़ा नई पासबुक बनाकर किया गया है। रुपये का भुगतान सहायक प्रबंधक बैजनाथ पुत्र मैकूलाल निवासी सरायअकिल ने किया था। कैशियर संदीप उत्तम ने इस फर्जीवाडे़ को पकड़ा तो मैनेजर खुशीराम गौतम को इसकी जानकारी दी। उन्होंने खातों की जांच तो पता चला कि जिन खातों से रुपया निकाला गया है, वह 1992 के हैं। अधिकांश खाता धारक मृत हो चुके हैं।
नई पासबुक भी सहायक प्रबंधक बैजनाथ ने ही जारी की थी। हिसाब-किताब किया गया तो खुलासा हुआ कि कुल तीन लाख 44 हजार रुपये की रकम फर्जी तरीके से दे दी गई है। मैनेजर ने सहायक प्रबंधक समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ करारी थाने में धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद करारी थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मैनेजर ने बताया कि सहायक मैनेजर इसके पहले इसी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थे। इनकी गतिविधियां संदिग्ध है। बैंक के उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
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बड़ौदा ग्रामीण बैंक की शाखा म्योहर से दस खातों से रुपया दूसरों को दिया गया है। ये फर्जीवाड़ा नई पासबुक बनाकर किया गया है। रुपये का भुगतान सहायक प्रबंधक बैजनाथ पुत्र मैकूलाल निवासी सरायअकिल ने किया था। कैशियर संदीप उत्तम ने इस फर्जीवाडे़ को पकड़ा तो मैनेजर खुशीराम गौतम को इसकी जानकारी दी। उन्होंने खातों की जांच तो पता चला कि जिन खातों से रुपया निकाला गया है, वह 1992 के हैं। अधिकांश खाता धारक मृत हो चुके हैं।
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नई पासबुक भी सहायक प्रबंधक बैजनाथ ने ही जारी की थी। हिसाब-किताब किया गया तो खुलासा हुआ कि कुल तीन लाख 44 हजार रुपये की रकम फर्जी तरीके से दे दी गई है। मैनेजर ने सहायक प्रबंधक समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ करारी थाने में धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद करारी थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मैनेजर ने बताया कि सहायक मैनेजर इसके पहले इसी बैंक में कैशियर के पद पर कार्यरत थे। इनकी गतिविधियां संदिग्ध है। बैंक के उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
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