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पुलिस का मददगार किशोर गांव से पलायन के लिए मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 10 May 2016 01:00 AM IST
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सैनी क्षेत्र के नूरपुर में हुए चर्चित अपहरण एवं दोहरे हत्याकांड के खुलासे में पुलिस की मदद करने में एक किशोर का सराहनीय योगदान रहा। उसने पुलिस को बेबाकी के साथ घटना का खुलासा करने के लिए अहम क्लू दिया था। उसी के बताए रास्ते पर चलकर पुलिस कामयाबी हासिल कर सकी। पर, जघन्य तरीके से वारदात को अंजाम देने वालों की धमकी मिलने के बाद से किशोर के परिजनों के होश उड़े हैं। परिजनों ने उसे रिश्तेदारी में भेज दिया है।
सैनी क्षेत्र के नूरपुर में हुए चर्चित अपहरण एवं दोहरे हत्याकांड के खुलासे में राहुल नाम के एक किशोर ने पुलिस की बड़ी ही बेबाकी के साथ मदद की। मगर पुलिस के लिए मददगार बना राहुल अब अपनी जान बचाने के लिए गांव से पलायन करने को विवश हो गया है। परिजनों का कहना है कि अपराधियों के खौफनाक इरादों से अनजान किशोर को क्या पता था कि वह हत्यारों के खिलाफ जुबान खोल सीधी दुश्मनी मोल ले रहा है। हुआ भी यही, उसे सरेआम धमकी मिलने से परिजनों के पैर तले से जमीन खिसक गई।
परिजनाें ने किशोर की सलामती के लिए उसे चुपचाप सुरक्षित जगह रिश्तेदारी में भिजवा दिया है। कमोवेश इसी तरह का खतरा गीता देवी के सामने भी मंडरा रहा है। वह भी हत्यारोें से अपनी जान का खतरा बता रही है। उसका कहना है कि वह अपने पिता और बहन के हत्यारोें को सजा दिलाकर ही चैन की सांस लेगी। पुलिस का कहना है कि मददगारों के साथ पुलिस है।
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सैनी क्षेत्र के नूरपुर में हुए चर्चित अपहरण एवं दोहरे हत्याकांड के खुलासे में राहुल नाम के एक किशोर ने पुलिस की बड़ी ही बेबाकी के साथ मदद की। मगर पुलिस के लिए मददगार बना राहुल अब अपनी जान बचाने के लिए गांव से पलायन करने को विवश हो गया है। परिजनों का कहना है कि अपराधियों के खौफनाक इरादों से अनजान किशोर को क्या पता था कि वह हत्यारों के खिलाफ जुबान खोल सीधी दुश्मनी मोल ले रहा है। हुआ भी यही, उसे सरेआम धमकी मिलने से परिजनों के पैर तले से जमीन खिसक गई।
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परिजनाें ने किशोर की सलामती के लिए उसे चुपचाप सुरक्षित जगह रिश्तेदारी में भिजवा दिया है। कमोवेश इसी तरह का खतरा गीता देवी के सामने भी मंडरा रहा है। वह भी हत्यारोें से अपनी जान का खतरा बता रही है। उसका कहना है कि वह अपने पिता और बहन के हत्यारोें को सजा दिलाकर ही चैन की सांस लेगी। पुलिस का कहना है कि मददगारों के साथ पुलिस है।
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