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मालविका स्टील प्लांट से चोरी 25 करोड़ की गणेश प्रतिमा बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:29 AM IST
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कौशाम्बी पुलिस के हत्थे लगे अंतरराज्यीय मूर्ति तस्कर
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मालविका स्टील प्लांट जगदीशपुर रायबरेली से 13 साल पहले चोरी हुई अष्टधातु की बेशकीमती गणेश प्रतिमा कौशाम्बी पुलिस ने बरामद कर ली है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 25 करोड़ कीमत वाली इस मूर्ति के साथ पुलिस ने अंतर राज्यीय मूर्ति तस्कर गिरोह के 6 बदमाशों को भी गिरफ्तार किया है। एसपी ने बताया कि इन मूर्ति तस्करों के गैंग का सरगना प्रतापगढ़ के शिवाला थाना नबावगंज का रहने वाला है। गैंग ने कौशाम्बी के अलावा इलाहाबाद, प्रतापगढ़, रायबरेली, फतेहपुर समेत कई जिलों में मूर्ति चोरी की दर्जनों घटनाओं को अंजाम दिया है।
पुलिस अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि एसओजी टीम को रविवार की रात सूचना लगी कि मूर्ति तस्करों का एक गिरोह कानपुर-इलाहाबाद हाईवे पर स्थित मूरतगंज बाजार में बेशकीमती मूर्ति के साथ कहीं जाने की फिराक में वाहन का इंतजार कर रहा है। एसओजी टीम ने कोखराज थाने की पुलिस के साथ मूरतगंज में दबिश देकर मूर्ति तस्करों को धरदबोचा। उनके पास से पुलिस ने 13.520 किलोग्राम वजन की अष्टधातु की प्राचीन गणेश प्रतिमा बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक बरामद मूर्ति की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई है। मूर्ति को वर्ष 2003 में इस गिरोह ने रायबरेली के जगदीशपुर स्थित मालविका स्टील प्लांट से उड़ाया था। पुलिस ने बेशकीमती मूर्ति के साथ मूर्ति तस्कर गिरोह के सरगना राम लखन पटेल पुत्र बेनीमाधव निवासी शिवाला थाना नवाबगंज प्रतापगढ़ के साथ मुकेश कुमार पुत्र खेमराज निवासी रामपुर बढ़नावंा थाना सैनी, राजेंद्र कुमार पुत्र फूललाल निवासी गरई थाना सैनी, सौरभ सिंह यादव पुत्र वीरेंद्र यादव निवासी शहजादपुर थाना कोखराज, जीतलाल पुत्र रामसिंह पटेल निवासी बढ़ईपुर थाना सुल्तानपुर घोष जनपद फतेहपुर और सिकंदर पुत्र मोहम्मद शब्बीर निवासी चक निरातुल थाना खुल्दाबाद इलाहाबाद को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि मूर्ति तस्करों का यह गैंग कई बरसों से कौशाम्बी, प्रतापगढ़, रायबरेली, इलाहाबाद आदि आसपास के जिलों से मूर्ति चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पुलिस ने पूछताछ के बाद इन सभी बदमाशों को जेल भेज दिया है। एसपी ने मूर्ति तस्करों की धरपकड़ करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
बिक्री को 13 साल से भटक रहे थे तस्कर
मंझनपुर (ब्यूरो)। मालविका स्टील प्लांट जगदीशपुर से चोरी की गई 13 किलोग्राम वजन की अष्टधातु की बेशकीमती गणेश प्रतिमा बेचने को मूर्ति तस्कर 13 साल से भटक रहे थे। प्लांट से मूर्ति चोरी करने के बाद गैंग का सरगना इसे अपने घर में रखकर ग्राहक की तलाश में 13 साल से लगा था, लेकिन मूर्ति वजनदार होने के कारण वह इसकी बिक्री नहीं कर सका।
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स्टील प्लांट का मजदूर रामलखन बन बैठा सरगना
मंझनपुर (ब्यूरो)। कभी स्टील प्लांट जगदीशपुर में परिवार के निवाले के लिए काम करने वाला रामलखन आज मूर्ति तस्कर गैंग का सरगना बन गया है। प्लांट से चोरी की गई बेशकीमती गणेश प्रतिमा के साथ पुलिस कस्टडी में रहे रामलखन ने बताया कि प्लांट में लगी इस मूर्ति की कीमत को लेकर अक्सर वहां के लोग चर्चा करते रहते थे। बाजार में इस मूति की कीमत करोड़ों में होने की चर्चा से उसने इसे चोरी करने की योजना बना डाली। उसने कबाड़ के सामान के बीच इस मूर्ति को वहां से पार कर दिया। मूर्ति भारी होने के कारण वह कई साल तक इसे छिपाकर अपने घर में ही रखे था। इस दौरान उसने कई अन्य स्थानों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। मूर्तियां चोरी करके बेचने के दौरान इस गणेश प्रतिमा के खरीददार की तलाश करता रहा, लेकिन भारी मूर्ति होने के कारण वह इसे लेकर बडे़ शहर नहीं जा पा रहा था।
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पुलिस अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि एसओजी टीम को रविवार की रात सूचना लगी कि मूर्ति तस्करों का एक गिरोह कानपुर-इलाहाबाद हाईवे पर स्थित मूरतगंज बाजार में बेशकीमती मूर्ति के साथ कहीं जाने की फिराक में वाहन का इंतजार कर रहा है। एसओजी टीम ने कोखराज थाने की पुलिस के साथ मूरतगंज में दबिश देकर मूर्ति तस्करों को धरदबोचा। उनके पास से पुलिस ने 13.520 किलोग्राम वजन की अष्टधातु की प्राचीन गणेश प्रतिमा बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक बरामद मूर्ति की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई है। मूर्ति को वर्ष 2003 में इस गिरोह ने रायबरेली के जगदीशपुर स्थित मालविका स्टील प्लांट से उड़ाया था। पुलिस ने बेशकीमती मूर्ति के साथ मूर्ति तस्कर गिरोह के सरगना राम लखन पटेल पुत्र बेनीमाधव निवासी शिवाला थाना नवाबगंज प्रतापगढ़ के साथ मुकेश कुमार पुत्र खेमराज निवासी रामपुर बढ़नावंा थाना सैनी, राजेंद्र कुमार पुत्र फूललाल निवासी गरई थाना सैनी, सौरभ सिंह यादव पुत्र वीरेंद्र यादव निवासी शहजादपुर थाना कोखराज, जीतलाल पुत्र रामसिंह पटेल निवासी बढ़ईपुर थाना सुल्तानपुर घोष जनपद फतेहपुर और सिकंदर पुत्र मोहम्मद शब्बीर निवासी चक निरातुल थाना खुल्दाबाद इलाहाबाद को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि मूर्ति तस्करों का यह गैंग कई बरसों से कौशाम्बी, प्रतापगढ़, रायबरेली, इलाहाबाद आदि आसपास के जिलों से मूर्ति चोरी की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। पुलिस ने पूछताछ के बाद इन सभी बदमाशों को जेल भेज दिया है। एसपी ने मूर्ति तस्करों की धरपकड़ करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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बिक्री को 13 साल से भटक रहे थे तस्कर
मंझनपुर (ब्यूरो)। मालविका स्टील प्लांट जगदीशपुर से चोरी की गई 13 किलोग्राम वजन की अष्टधातु की बेशकीमती गणेश प्रतिमा बेचने को मूर्ति तस्कर 13 साल से भटक रहे थे। प्लांट से मूर्ति चोरी करने के बाद गैंग का सरगना इसे अपने घर में रखकर ग्राहक की तलाश में 13 साल से लगा था, लेकिन मूर्ति वजनदार होने के कारण वह इसकी बिक्री नहीं कर सका।
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स्टील प्लांट का मजदूर रामलखन बन बैठा सरगना
मंझनपुर (ब्यूरो)। कभी स्टील प्लांट जगदीशपुर में परिवार के निवाले के लिए काम करने वाला रामलखन आज मूर्ति तस्कर गैंग का सरगना बन गया है। प्लांट से चोरी की गई बेशकीमती गणेश प्रतिमा के साथ पुलिस कस्टडी में रहे रामलखन ने बताया कि प्लांट में लगी इस मूर्ति की कीमत को लेकर अक्सर वहां के लोग चर्चा करते रहते थे। बाजार में इस मूति की कीमत करोड़ों में होने की चर्चा से उसने इसे चोरी करने की योजना बना डाली। उसने कबाड़ के सामान के बीच इस मूर्ति को वहां से पार कर दिया। मूर्ति भारी होने के कारण वह कई साल तक इसे छिपाकर अपने घर में ही रखे था। इस दौरान उसने कई अन्य स्थानों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। मूर्तियां चोरी करके बेचने के दौरान इस गणेश प्रतिमा के खरीददार की तलाश करता रहा, लेकिन भारी मूर्ति होने के कारण वह इसे लेकर बडे़ शहर नहीं जा पा रहा था।