{"_id":"6a8922b1c0b52c80a2097db7","slug":"breakthrough-in-gangster-vinod-murder-case-in-hisar-conspiracy-hatched-in-ujjain-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगस्टर विनोद की हत्या मामले में खुलासा: उज्जैन में रची गई साजिश, बदमाशों ने हिसार कोर्ट परिसर में दिया अंजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंगस्टर विनोद की हत्या मामले में खुलासा: उज्जैन में रची गई साजिश, बदमाशों ने हिसार कोर्ट परिसर में दिया अंजाम
Sat, 22 Aug 2026 09:46 AM IST
Naveen
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Sat, 22 Aug 2026 09:46 AM IST
सार
गैंगस्टर विनोद पानू की हत्या के मामले में पुलिस लगाताक जांच कर रही है। साजिश के तार उज्जैन तक जुड़े पाए गए हैं। अजय पंडित और राकेश मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं, जिनकी योजना के तहत इस वारदात को अंजाम दिया गया।
विज्ञापन
गैंगस्टर विनोद काणा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की हत्या की साजिश उज्जैन में रची गई थी, जहां से योजना बनाने के बाद 20 अगस्त को कोर्ट परिसर में उसे मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या में मुख्य हमलावर अजय पंडित, जो गढ़ी गांव का रहने वाला है, और राकेश, जो खरड़ गांव का निवासी है, शामिल थे। राकेश, अजीत पहलवान के भाई दीपक का करीबी दोस्त बताया जा रहा है।
विज्ञापन
साजिश का खुलासा, उज्जैन में मुलाकात और योजना
पुलिस की जांच के अनुसार, पिछले महीने राकेश अपने दोस्त दीपक के साथ उज्जैन गया था। इसी यात्रा के दौरान, उन्होंने गैंगस्टर विनोद पानू की हत्या की योजना बनाई। यह योजना इतनी गोपनीय रखी गई थी कि किसी को कानों-कान खबर नहीं हुई। इसके बाद, 20 अगस्त को कोर्ट परिसर में इस योजना को अंजाम दिया गया। यह भी पता चला है कि इससे पहले भी विनोद पानू की पेशी के दौरान उसे मारने की योजना बनाई गई थी, लेकिन उस समय वह पेशी पर नहीं आया था।
विज्ञापन
राकेश इकलौता बेटा और किसान परिवार का सदस्य
हत्या की योजना बनाने वाले राकेश के बारे में पुलिस को पता चला है कि वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। उसकी दो बड़ी बहनें हैं। राकेश के पिता बलराज खेती करते हैं और उनके पास पांच एकड़ जमीन है।
विज्ञापन
हमले की आशंका और सुरक्षा व्यवस्था
यह भी सामने आया है कि गैंगस्टर विनोद पानू को खुद पर हमले की आशंका पहले से थी। करनाल जेल से रिहा होने के बाद से, वह अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क था। वह बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर गाड़ी में सफर करता था और अपने साथ 12 से 15 सुरक्षा गार्डों की एक टीम रखता था।