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कातिलाना हमलावर को पांच साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 29 Aug 2015 01:10 AM IST
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मंझनपुर। पड़ोसी पर जानलेवा हमला करने वाले को अदालत ने पांच साल कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बरौला गांव निवासी धर्मराज पुत्र रामदीन का पड़ोसी शाकिर अली से सेहन की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। 30 जुलाई 1999 की शाम शाकिर ने जान लेने की नियत से लाठी से पीटकर धर्मराज को मरणासन्न कर दिया था। घायल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला एडीजे तृतीय की अदालत में 15 साल तक चला।
शुक्रवार को अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता जय गोविंद उपाध्याय और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद शाकिर अली को दोषी पाते हुए एडीजे तृतीय संजय कुमार मलिक ने पांच साल के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्याय मिलने पर पीड़ित परिवार की आंखें भर आईं।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के बरौला गांव निवासी धर्मराज पुत्र रामदीन का पड़ोसी शाकिर अली से सेहन की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। 30 जुलाई 1999 की शाम शाकिर ने जान लेने की नियत से लाठी से पीटकर धर्मराज को मरणासन्न कर दिया था। घायल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामला एडीजे तृतीय की अदालत में 15 साल तक चला।
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शुक्रवार को अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता जय गोविंद उपाध्याय और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद शाकिर अली को दोषी पाते हुए एडीजे तृतीय संजय कुमार मलिक ने पांच साल के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्याय मिलने पर पीड़ित परिवार की आंखें भर आईं।
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