{"_id":"56f8188f4f1c1bb54bf14f85","slug":"murder-case-in-kokhraj-area","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौत से लड़कर बची किशोरी का खुलासा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मौत से लड़कर बची किशोरी का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोखराज थाने के दरियापुर मझियावां गांव में हमले के बाद 20 दिनों तक मौत से लड़कर जिंदा बची किशोरी ने मां और तीन युवकों पर हत्या, जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। घटना में जहां महिला की मौत हो गई थी। वहीं किशोरी खून से लथपथ जख्मी हालात में छत पर पड़ी मिली थी। किशोरी के मुताबिक उसके ऊपर प्राणघातक हमला उसकी मां ने मोबाइल पर बात करने को लेकर कराया था। उसे मृत जानकर युवकों ने उसकी मां को मारकर फंदे से टांग दिया था। पुलिस ने किशोरी के बयान पर तीनों व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोखराज थाना क्षेत्र के दरियापुर मझियावां गांव निवासी सतऊ पाल की पत्नी राजरानी की लाश 5 मार्च की सुबह घर के भीतर फंदे से लटकती मिली थी। जबकि उसकी बेटी निराशा देवी (17) खून से लथपथ जख्मी हालत में छत पर मिली थी। जख्मी किशोरी को पुलिस ने एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद में भर्ती कराया था। जहां 20 दिनों तक मौत से लड़ने के बाद उसे होश आया। होश में आने पर किशोरी ने घटना का जो खुलासा किया। उसे सुनकर लोग ही नहीं पुलिस भी स्तब्ध रह गई। किशोरी के मुताबिक मां उसके मोबाइल पर बात करने को लेकर चिढ़ती थी। इसी चिढ़ में उसने गांव के रहने वाले करन सिंह उर्फ दादू, कुलदीप और रमेश के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। 4 मार्च की रात जब उसके पिता खेत में सिंचाई करने चले गए। तभी मां ने तीनों युवकों को बुलाकर उसके ऊपर सोते समय हमला करा दिया। धारदार हथियार से उसके ऊपर प्रहार कर किया गया। मृत समझकर उसे हमलावरों ने छत पर फेंक दिया था। हत्या की पोल न खुल जाए। इसी नीयत से इन तीनों ने उसकी मां राजरानी की भी हत्या करके शव फंदे से टांग दिया। किशोरी के इस बयान के आधार पर पुलिस ने तीनों व्यक्तियों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करके घटना की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि पहले इस मामले में किशोरी के पिता सतऊ की तहरीर पर मां राजरानी के खिलाफ हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
कोखराज थाना क्षेत्र के दरियापुर मझियावां गांव निवासी सतऊ पाल की पत्नी राजरानी की लाश 5 मार्च की सुबह घर के भीतर फंदे से लटकती मिली थी। जबकि उसकी बेटी निराशा देवी (17) खून से लथपथ जख्मी हालत में छत पर मिली थी। जख्मी किशोरी को पुलिस ने एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद में भर्ती कराया था। जहां 20 दिनों तक मौत से लड़ने के बाद उसे होश आया। होश में आने पर किशोरी ने घटना का जो खुलासा किया। उसे सुनकर लोग ही नहीं पुलिस भी स्तब्ध रह गई। किशोरी के मुताबिक मां उसके मोबाइल पर बात करने को लेकर चिढ़ती थी। इसी चिढ़ में उसने गांव के रहने वाले करन सिंह उर्फ दादू, कुलदीप और रमेश के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। 4 मार्च की रात जब उसके पिता खेत में सिंचाई करने चले गए। तभी मां ने तीनों युवकों को बुलाकर उसके ऊपर सोते समय हमला करा दिया। धारदार हथियार से उसके ऊपर प्रहार कर किया गया। मृत समझकर उसे हमलावरों ने छत पर फेंक दिया था। हत्या की पोल न खुल जाए। इसी नीयत से इन तीनों ने उसकी मां राजरानी की भी हत्या करके शव फंदे से टांग दिया। किशोरी के इस बयान के आधार पर पुलिस ने तीनों व्यक्तियों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करके घटना की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि पहले इस मामले में किशोरी के पिता सतऊ की तहरीर पर मां राजरानी के खिलाफ हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विज्ञापन