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तीन दिन में आय, नौ दिन में बदला निवास
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:16 AM IST
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सदर तहसील के अफसरों पर फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप है। दस-दस हजार रुपये में आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र गलत तरीके से जारी किए गए हैं। इसका खुलासा एडीएम ने किया है। डीएम के निर्देश पर एडीएम ने सदर एसडीएम से जवाब के साथ ही मामले में कार्रवाई रिपोर्ट भी तलब की है। इससे तहसील में खलबली मची है।
सदर तहसील से बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इनमें आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। कई लोगों ने डीएम से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि दस-दस हजार लेकर यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। डीएम ने एडीएम श्रीकृष्ण यादव को मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया। एडीएम ने समीक्षा की तो पाया कि एक महीने के भीतर जारी हुए पांच हजार के आय प्रमाण पत्र को दोबारा ढाई हजार बनाकर जारी किया गया। यही हाल निवास प्रमाण पत्र का था।
एक निवास प्रमाण पत्र मंझनपुर के पते से पहले जारी किया गया, इसके बाद एक महीने के अंदर उसी व्यक्ति का करारी में निवास दिखाकर प्रमाण पत्र जारी किया गया। प्रमाण पत्र जारी करने में अधिकारियों ने भी खूब खेला है। जिस प्रमाण पत्र को जारी करने का अधिकार एसडीएम को था, उसको तहसीलदार के डिजटल सिग्नेचर से जारी किया गया। वहीं तहसीलदार के अधिकार वाले प्रमाण पत्रों को एसडीएम के डिजटल सिग्नेचर से जारी किया गया। मामले का खुलासा हुआ तो एडीएम ने प्रकरण में एसडीएम सदर लालजी मिश्र से जवाब मांगा है। साथ ही निर्देश दिया है कि इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजें।
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कैसे किसको जारी किया गया प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
28 फरवरी 2015 को पदमा मिश्र पत्नी रविशंकर तीन हजार मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
तीन मार्च 2015 को पदमा मिश्र पत्नी रविशंकर को ढाई हजार मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
28 फरवरी 2015 को सुरेखा मिश्र पत्नी स्वास्तिक मिश्र को पांच हजार मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
तीन मार्च 2015 को सुरेखा मिश्र पत्नी स्वास्तिक मिश्र को ढाई हजार मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
निवास प्रमाण पत्र
दो अगस्त 2016 को शरीफ उद्दीन पुत्र रहीम उद्दीन को हजरतगंज (मंझनपुर) से निवास प्रमाण पत्र जारी किया गया।
11 अगस्त 2016 को शरीफ उद्दीन पुत्र रहीम उद्दीन को हजरतगंज (करारी) से निवास प्रमाण पत्र जारी किया गया।
फंस गए एसडीएम व तहसीलदार
सदर तहसील से जारी हुए फर्जी प्रमाण पत्रों में एसडीएम व तहसीलदार बुरी तरह से फंस गए हैं। बरैसा गांव की वंदना पत्नी अमित कुमार को जाति प्रमाण पत्र एसडीएम के डिजटल सिग्नेचर से जारी किया गया है, जबकि इसे तहसीलदार के डिजटल सिग्नेचर से जारी होना था। इसी तरह एक निवास प्रमाण पत्र एसडीएम के सिग्नेचर से जारी होना था, इसे तहसीलदार ने जारी किया है। इससे साफ है कि ये दोनों अधिकारी अपने डिजटल सिग्नेचर का स्वयं इस्तेमाल करने के बजाय अधीनस्थों से करवाते थे, जिसका फायदा उठाकर लोगों ने खेल किया।
तहसील से जारी हुए प्रमाण पत्रों की जांच कराई जा रही है। एडीएम न जितने बिंदु पर जवाब मांगा है, उसे तैयार किया जा रहा है। त्रुटि कहां हुई इसकी जांच की जा रही है।
लालजी मिश्र एसडीएम सदर
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सदर तहसील से बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इनमें आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। कई लोगों ने डीएम से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि दस-दस हजार लेकर यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। डीएम ने एडीएम श्रीकृष्ण यादव को मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया। एडीएम ने समीक्षा की तो पाया कि एक महीने के भीतर जारी हुए पांच हजार के आय प्रमाण पत्र को दोबारा ढाई हजार बनाकर जारी किया गया। यही हाल निवास प्रमाण पत्र का था।
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एक निवास प्रमाण पत्र मंझनपुर के पते से पहले जारी किया गया, इसके बाद एक महीने के अंदर उसी व्यक्ति का करारी में निवास दिखाकर प्रमाण पत्र जारी किया गया। प्रमाण पत्र जारी करने में अधिकारियों ने भी खूब खेला है। जिस प्रमाण पत्र को जारी करने का अधिकार एसडीएम को था, उसको तहसीलदार के डिजटल सिग्नेचर से जारी किया गया। वहीं तहसीलदार के अधिकार वाले प्रमाण पत्रों को एसडीएम के डिजटल सिग्नेचर से जारी किया गया। मामले का खुलासा हुआ तो एडीएम ने प्रकरण में एसडीएम सदर लालजी मिश्र से जवाब मांगा है। साथ ही निर्देश दिया है कि इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजें।
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कैसे किसको जारी किया गया प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
28 फरवरी 2015 को पदमा मिश्र पत्नी रविशंकर तीन हजार मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
तीन मार्च 2015 को पदमा मिश्र पत्नी रविशंकर को ढाई हजार मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
28 फरवरी 2015 को सुरेखा मिश्र पत्नी स्वास्तिक मिश्र को पांच हजार मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
तीन मार्च 2015 को सुरेखा मिश्र पत्नी स्वास्तिक मिश्र को ढाई हजार मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया।
निवास प्रमाण पत्र
दो अगस्त 2016 को शरीफ उद्दीन पुत्र रहीम उद्दीन को हजरतगंज (मंझनपुर) से निवास प्रमाण पत्र जारी किया गया।
11 अगस्त 2016 को शरीफ उद्दीन पुत्र रहीम उद्दीन को हजरतगंज (करारी) से निवास प्रमाण पत्र जारी किया गया।
फंस गए एसडीएम व तहसीलदार
सदर तहसील से जारी हुए फर्जी प्रमाण पत्रों में एसडीएम व तहसीलदार बुरी तरह से फंस गए हैं। बरैसा गांव की वंदना पत्नी अमित कुमार को जाति प्रमाण पत्र एसडीएम के डिजटल सिग्नेचर से जारी किया गया है, जबकि इसे तहसीलदार के डिजटल सिग्नेचर से जारी होना था। इसी तरह एक निवास प्रमाण पत्र एसडीएम के सिग्नेचर से जारी होना था, इसे तहसीलदार ने जारी किया है। इससे साफ है कि ये दोनों अधिकारी अपने डिजटल सिग्नेचर का स्वयं इस्तेमाल करने के बजाय अधीनस्थों से करवाते थे, जिसका फायदा उठाकर लोगों ने खेल किया।
तहसील से जारी हुए प्रमाण पत्रों की जांच कराई जा रही है। एडीएम न जितने बिंदु पर जवाब मांगा है, उसे तैयार किया जा रहा है। त्रुटि कहां हुई इसकी जांच की जा रही है।
लालजी मिश्र एसडीएम सदर