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हेड कांस्टेबिल को हटाए जाने पर बंदियों ने खत्म की हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 12 Apr 2017 12:31 AM IST
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कौशाम्बी
जिला कारागार में सोमवार की शाम से बंदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। बैरक दो के 70 बंदियों ने अनशन शुरू किया था। मंगलवार की सुबह हड़ताल खत्म कराने को लेकर कहासुनी हुई तो बंदी उग्र हो गए और तीन अन्य बैरकों के भी बंदी लामबंद होकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। जानकारी होते ही एएसपी, एडीएम मौके पर पहुंचे। हेड कांस्टेबिल को जेल से हटाने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया तो देर शाम बंदियों ने हड़ताल खत्म कर दी।
जिला कारागार में निरुद्ध रहे बंदी देशराज व मो. अहमद की 15 दिन के भीतर बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। वृद्ध छक्कन की हालत खराब है। इससे बंदी गुस्से में थे। बंदियों से जेल में वसूली होती है। वसूली का विरोध करने पर बैरक में दो बंद सजायाफ्ता राजेंद्र कुमार को मारापीटा गया तो बंदी सोमवार की शाम आंदोलित हो गए। बैरक दो 70 कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। इतना ही नहीं जमकर नारेबाजी भी की थी। मंगलवार की सुबह प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह ने हड़ताल खत्म कराने की कोशिश की। इसी बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई तो बंदी उग्र हो गए। बंदियों के तेवर देख प्रभारी जेल अधीक्षक बाहर चले आए और अधिकारियों को सूचना दी। उधर बैरक दो, तीन, चार और पांच के भी बंदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। जानकारी होने पर करीब नौ बजे एएसपी आशुतोष मिश्र, सीओ व मंझनपुर कोतवाल दिनेश यादव के साथ पहुंचे।
बंदियों को मनाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े रहे। शाम करीब पांच बजे एडीएम राकेश श्रीवास्तव बंदियों से मिले। बंदियों ने कहा कि हेड कांस्टेबिल वसूली न होने पर मारपीट करता है, उसे हटाया जाए। देर शाम हेड कांस्टेबिल को जेल से हटाने का ऐलान किया गया तो बंदियों ने हड़ताल खत्म कर दी। इससे अधिकारियों ने राहत की संास ली है। प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि एडीएम ने जेल के अस्पताल की सुविधा बढ़ाने के साथ ही भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया है। बंदियों ने हड़ताल खत्म कर दी है।
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जिला कारागार में निरुद्ध रहे बंदी देशराज व मो. अहमद की 15 दिन के भीतर बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। वृद्ध छक्कन की हालत खराब है। इससे बंदी गुस्से में थे। बंदियों से जेल में वसूली होती है। वसूली का विरोध करने पर बैरक में दो बंद सजायाफ्ता राजेंद्र कुमार को मारापीटा गया तो बंदी सोमवार की शाम आंदोलित हो गए। बैरक दो 70 कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। इतना ही नहीं जमकर नारेबाजी भी की थी। मंगलवार की सुबह प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह ने हड़ताल खत्म कराने की कोशिश की। इसी बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई तो बंदी उग्र हो गए। बंदियों के तेवर देख प्रभारी जेल अधीक्षक बाहर चले आए और अधिकारियों को सूचना दी। उधर बैरक दो, तीन, चार और पांच के भी बंदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। जानकारी होने पर करीब नौ बजे एएसपी आशुतोष मिश्र, सीओ व मंझनपुर कोतवाल दिनेश यादव के साथ पहुंचे।
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बंदियों को मनाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े रहे। शाम करीब पांच बजे एडीएम राकेश श्रीवास्तव बंदियों से मिले। बंदियों ने कहा कि हेड कांस्टेबिल वसूली न होने पर मारपीट करता है, उसे हटाया जाए। देर शाम हेड कांस्टेबिल को जेल से हटाने का ऐलान किया गया तो बंदियों ने हड़ताल खत्म कर दी। इससे अधिकारियों ने राहत की संास ली है। प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि एडीएम ने जेल के अस्पताल की सुविधा बढ़ाने के साथ ही भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया है। बंदियों ने हड़ताल खत्म कर दी है।
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