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Delhi NCR News: घनी आबादी में कैसे चल रही थी फैक्टरी, वैधता पर उठे सवाल
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पुलिस एमसीडी को लिखेगी पत्र, नक्शा पास होने से लेकर व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति तक मांगी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वरूप नगर की खड्डा कॉलोनी में घनी आबादी के बीच चल रही फैक्टरी और गोदाम में लगी भीषण आग ने रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संकरी गलियों और आसपास बने मकानों के बीच एक इमारत में जूडो ड्रेस और बॉक्सिंग ग्लव्स बनाने की फैक्टरी चल रही थी, जबकि परिसर में रेक्सिन की कतरन और कॉटन वीविंग से संबंधित सामान का गोदाम भी था। आग लगने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस परिसर में इस तरह की गतिविधियां किस अनुमति के आधार पर संचालित हो रही थीं।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी सक्सेना ने बताया कि पुलिस जल्द ही एमसीडी के संबंधित विभाग को पत्र भेजकर भवन से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी मांगेगी। इसमें संपत्ति का स्वीकृत उपयोग, भवन का नक्शा, फैक्टरी या गोदाम संबंधी अनुमति तथा पूर्व में की गई कार्रवाई की जानकारी शामिल है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है तो संबंधित विभाग के स्तर पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
ज्वलनशील सामान ने बढ़ाई आग की भयावहता
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद मौके का निरीक्षण किया गया। प्राथमिक जांच में परिसर में रेक्सिन की कतरन और कॉटन से संबंधित सामान बड़ी मात्रा में रखा मिला। ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। आग और धुएं का असर आसपास के मकानों तक पहुंचा। स्थिति ऐसी बनी कि सामने के मकान में मौजूद छह लोगों ने जान बचाने के लिए छलांग लगा दी। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि भवन का इस्तेमाल जिस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था, क्या उसके लिए नियमानुसार अनुमति थी। इसके अलावा संपत्ति का उपयोग किस श्रेणी में दर्ज है और वहां बड़ी मात्रा में रेक्सिन, कॉटन या अन्य ज्वलनशील सामग्री रखने की अनुमति थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वरूप नगर की खड्डा कॉलोनी में घनी आबादी के बीच चल रही फैक्टरी और गोदाम में लगी भीषण आग ने रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संकरी गलियों और आसपास बने मकानों के बीच एक इमारत में जूडो ड्रेस और बॉक्सिंग ग्लव्स बनाने की फैक्टरी चल रही थी, जबकि परिसर में रेक्सिन की कतरन और कॉटन वीविंग से संबंधित सामान का गोदाम भी था। आग लगने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस परिसर में इस तरह की गतिविधियां किस अनुमति के आधार पर संचालित हो रही थीं।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी सक्सेना ने बताया कि पुलिस जल्द ही एमसीडी के संबंधित विभाग को पत्र भेजकर भवन से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी मांगेगी। इसमें संपत्ति का स्वीकृत उपयोग, भवन का नक्शा, फैक्टरी या गोदाम संबंधी अनुमति तथा पूर्व में की गई कार्रवाई की जानकारी शामिल है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है तो संबंधित विभाग के स्तर पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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ज्वलनशील सामान ने बढ़ाई आग की भयावहता
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद मौके का निरीक्षण किया गया। प्राथमिक जांच में परिसर में रेक्सिन की कतरन और कॉटन से संबंधित सामान बड़ी मात्रा में रखा मिला। ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। आग और धुएं का असर आसपास के मकानों तक पहुंचा। स्थिति ऐसी बनी कि सामने के मकान में मौजूद छह लोगों ने जान बचाने के लिए छलांग लगा दी। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि भवन का इस्तेमाल जिस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था, क्या उसके लिए नियमानुसार अनुमति थी। इसके अलावा संपत्ति का उपयोग किस श्रेणी में दर्ज है और वहां बड़ी मात्रा में रेक्सिन, कॉटन या अन्य ज्वलनशील सामग्री रखने की अनुमति थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।
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