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बहार की तलाश में गुजर गया साल

Tue, 27 Dec 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Tue, 27 Dec 2016 12:40 AM IST
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शांति दूत की नगरी कौशाम्बी जरायम का गढ़ बन गई है। खाकी के लिए वर्ष 2016 चुनौती भरा रहा।  चोरी, लूट, छिनैती, डकैती के खुलासे में नाकाम रही पुलिस ईनामियां बदमाशों के साथ आंख मिचौली का खेल खेलती रही। आलम यह है कि बरसों से फरार सैनी इलाका का दस्यु बहार समेत 16 ईनामियां को दबोचना तो दूर, पुलिस इनका सुराग तक नहीं लगा सकी। पुलिस का सर्च आपरेशन भी इन अपराधियाें के आगे फ्लाप शो साबित हुआ।
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    गंगा-यमुना के कछार में बसे कौशाम्बी की भौगोलिक स्थिति कुछ ऐसी है। जिससे यह इलाका चोर-बदमाशों का गढ़ बना हुआ है। लूट, डकैती, चोरी के अलावा जनपद को बदमाशों ने हत्या करके शव ठिकाने लगाने का अड्डा बना रखा है। सबसे अहम यह है कि पुलिस न घटनाओं पर विराम लगा सकी। न कुख्यात इनामियां बदमाशों की धरपकड़ में ही वह कामयाब हुई। देखें तो कौशाम्बी पुलिस के जिम्मे दिसंबर 2015 में  यह संख्या 11 ही थी। वर्ष 2016 का भी कुछ ऐसा ही आलम रहा। साल भर में ईनाम घोषित 82 बदमाशों में से 58 को ही पुलिस दबोच सकी। जबकि 8 बदमाशों ने खुद ही कोर्ट में सरेंडर कर पुलिस के सिर दर्द को कम किया। इन सबके बीच पुलिस की टीमें कुख्यात दस्यु सरगना बहार के अलावा सपा नेता शिवसागर सिंह के हत्यारोपी गिरीश मिश्रा समेत 16 बड़े इनामियां शातिर बदमाशों की तलाश में सालभर भटकती ही रही। इस दौरान पुलिस ने सर्च आपरेशन भी चलाया, लेकिन बड़े ईनामियां बदमाश उससे दूर ही बने रहे।
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इनसेट
किस थाने में हैं कितने थे ईनामियां बदमाश
सैनी              14
कोखराज          11
पइंसा             02
मंझनपुर           08
करारी             04
कौशाम्बी          01
पश्चिमशरीरा        02
महेवा             02
पुरामुफ्ती          10
पिपरी             10
चरवा             10
सरायअकिल       08

बहार को कैसे पहचानेगी खाकी
सैनी कोतवाली क्षेत्र के घोसियाना गांव का रहने वाला कुख्यात बदमाश बहारउद्दीन दस्यु सरगना हफीज उल्ला की मौत के बाद से गैंग की कमान अपने हाथ में ले ली है। हालांकि यह अलग बात है कि करीब 10 साल से उसकी कौशाम्बी में गतिविधियां लगभग सिफर बनी है। फिर भी उसकी गिरफ्तारी कौशाम्बी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। बहार को पुलिस कैसे पहचाने कि यही है बहार। पुलिस के पास उसकी कोई तस्वीर भी नहीं है। वहीं अफसरों ने उसका कोई स्केच आदि भी बनवाने का कोई प्रयास नहीं किया।
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बदमाशों की गिरफ्तारी का बढ़ रहा ग्राफ
ईनामिया बदमाशों की गिरफ्तारी का ग्राफ साल-दर-साल बढ़ रहा है। वर्ष 2015 में 11 ईनामियां बदमाश पुलिस के चुनौती बने रहे। यही ग्राफ 2016 में बढ़कर 16 पहुंच गया है। इन ईनामियां बदमाशों में बहारउद्दीन, गिरीश मिश्र, दीपक, रूद्रप्रताप, रोहित, अरशद थाना सैनी, सुल्तान, हनुमंत थाना कोखराज, प्यारे, रामबदन थाना करारी आदि शामिल है।

बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें जुटी हैं। थानेदारों के साथ एसओजी की भी टीम को लगाया गया है। जल्द ही इन्हें पकड़ लिया जाएगा।  
वीके मिश्र
पुलिस अधीक्षक, कौशाम्बी
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