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आग में जला सगे भाइयों का आशियाना
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:46 PM IST
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महेवाघाट थाना क्षेत्र के पचांभा गांव में शनिवार की दोपहर सगे तीन भाइयों का आशियाना धू-धूकर जल गया। चीख-पुकार सुन और मकान से उठती लपटें देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब तक लोग आग बुझाते घर में रखी गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग की चपेट में आने से चार मवेशी जिंदा जल गए। घर में आग कैसे लगी इस पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आग से तीनों भाई का परिवार गर्मी के मौसम में खुले आसमान के नीचे आ गया है।
महेवाघाट थाना क्षेत्र के पचांभा गांव निवासी शिवकुमार, राज बहादुर और शिव बहादुर सगे भाई हैं।
शनिवार को तीनों परिवार के लोग घर में ताला बंद करके खेत पर काम करने के लिए गए थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक शिवकुमार के घर में आग लग गई। चीख-पुकार सुन और घर से उठती लपटें देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। लपटों को देख गांव वाले भी शोर मचाते हुए घटना स्थल पर पहुंचे। देखते ही देखते लपटों ने राजबहादुर और शिव बहादुर के घर को भी आगोश में ले लिया। जब तक लोग आग बुझाने का प्रयास करते तीनों घर के बिस्तर, कपड़े, राशन, बर्तन समेत सभी घरेलू सामान राख हो चुके थे। वहीं छप्पर के नीचे बंधे चार मवेशी जिंदा जल मरे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। घर में आग कैसे लगी इसकी सही जानकारी किसी को नहीं है। लोगों का मानना है कि किसी ने जलती बीड़ी छप्पर में फेंकी होगी।
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महेवाघाट थाना क्षेत्र के पचांभा गांव निवासी शिवकुमार, राज बहादुर और शिव बहादुर सगे भाई हैं।
शनिवार को तीनों परिवार के लोग घर में ताला बंद करके खेत पर काम करने के लिए गए थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक शिवकुमार के घर में आग लग गई। चीख-पुकार सुन और घर से उठती लपटें देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। लपटों को देख गांव वाले भी शोर मचाते हुए घटना स्थल पर पहुंचे। देखते ही देखते लपटों ने राजबहादुर और शिव बहादुर के घर को भी आगोश में ले लिया। जब तक लोग आग बुझाने का प्रयास करते तीनों घर के बिस्तर, कपड़े, राशन, बर्तन समेत सभी घरेलू सामान राख हो चुके थे। वहीं छप्पर के नीचे बंधे चार मवेशी जिंदा जल मरे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। घर में आग कैसे लगी इसकी सही जानकारी किसी को नहीं है। लोगों का मानना है कि किसी ने जलती बीड़ी छप्पर में फेंकी होगी।
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