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25 करोड़ की गणेश प्रतिमा थाने में खा रही धूल
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:46 PM IST
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तस्करों से बरामद हुई करीब 25 करोड़ की गणेश प्रतिमा 24 दिनों से कोखराज थाने में धूल खा रही है। अष्टधातु की मूर्ति को ले जाने के लिए अब तक एक भी शख्स सामने नहीं आया है। तस्करों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि कई बरस पहले उन्होंने मूर्ति को रायबरेली की मालविका स्टील प्लांट से चोरी की थी।
कौशांबी पुलिस ने 4 अप्रैल को मूरतगंज के समीप से मूर्ति चोरों और तस्करों को गिरफ्तार किया था। प्रतापगढ़ के नवाबगंज थाना क्षेत्र के शिवाला गांव के रामलखन और उसके 5 साथियों को दबोचकर उनके पास से 13.520 किलोग्राम की भगवान गणेश की मूर्ति बरामद की थी।
एसपी वीके मिश्रा ने बताया था कि अष्टधातु की मूर्ति की वर्तमान में कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। पुलिस की पूछताछ में मूर्ति तस्करों ने खुलासा किया था कि वर्ष 2003 में उन्होंने यह मूर्ति रायबरेली की औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर में स्थित मालविका स्टील प्लांट से चोरी की थी। तस्कर इस दौरान बेच नहीं सके थे। वहीं बिक्री के सिलसिले में मूर्ति लेकर निकलने पर 4 अप्रैल को कौशांबी पुलिस के हाथ लग गए। पुलिस ने मूर्ति तस्करों से पूछताछ करने के बाद उन्हें 5 अप्रैल को जेल भेज दिया।
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तब से यह अष्टधातु की मूर्ति कोखराज थाने के मालखाने में धूल खा रही है। एसपी वीके मिश्रा ने बताया कि अब तक मालविका स्टील प्लांट अथवा किसी और व्यक्ति ने इस मूर्ति को लेने का दावा पेश नहीं किया है। पुलिस अफसरों का मानना है कि संभव है कि बेशकीमती होने के कारण आयकर आदि के झमेले के कारण कोई भी व्यक्ति दावा पेश नहीं कर रहा है।
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कौशांबी पुलिस ने 4 अप्रैल को मूरतगंज के समीप से मूर्ति चोरों और तस्करों को गिरफ्तार किया था। प्रतापगढ़ के नवाबगंज थाना क्षेत्र के शिवाला गांव के रामलखन और उसके 5 साथियों को दबोचकर उनके पास से 13.520 किलोग्राम की भगवान गणेश की मूर्ति बरामद की थी।
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एसपी वीके मिश्रा ने बताया था कि अष्टधातु की मूर्ति की वर्तमान में कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। पुलिस की पूछताछ में मूर्ति तस्करों ने खुलासा किया था कि वर्ष 2003 में उन्होंने यह मूर्ति रायबरेली की औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर में स्थित मालविका स्टील प्लांट से चोरी की थी। तस्कर इस दौरान बेच नहीं सके थे। वहीं बिक्री के सिलसिले में मूर्ति लेकर निकलने पर 4 अप्रैल को कौशांबी पुलिस के हाथ लग गए। पुलिस ने मूर्ति तस्करों से पूछताछ करने के बाद उन्हें 5 अप्रैल को जेल भेज दिया।
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तब से यह अष्टधातु की मूर्ति कोखराज थाने के मालखाने में धूल खा रही है। एसपी वीके मिश्रा ने बताया कि अब तक मालविका स्टील प्लांट अथवा किसी और व्यक्ति ने इस मूर्ति को लेने का दावा पेश नहीं किया है। पुलिस अफसरों का मानना है कि संभव है कि बेशकीमती होने के कारण आयकर आदि के झमेले के कारण कोई भी व्यक्ति दावा पेश नहीं कर रहा है।