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जेल के नहीं सुधरे हालात, तनातनी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:40 AM IST
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बंदियों से मारपीट के बाद जेल के भीतर स्थिति खराब हो चली है। बंदी कई गुटों में बंट गए हैं। गुरुवार से शुरू हुआ अनशन लगातार जारी है। रविवार को जांच के दौरान दोबारा बंदियों से मारपीट की गई। हालांकि इस दौरान बंदी रक्षकों से भी बंदियों ने भिड़ने का प्रयास किया था। इससे जेल के हालात बिगड़ने लगे हैं। माहौल एकदम गरम होने से जेल प्रशासन सतर्क हो गया है।
जिला जेल के भीतर कैंटीन में 19 दिसंबर को पांच बंदियों को वसूली की रकम न देने पर बंदी रक्षकों ने पीट दिया था। इससे आक्रोशित बंदियों ने गुरुवार से अनशन शुरू कर दिया था। बंदियों के परिजनों ने इसकी शिकायत कारागार मंत्री से भी की थी। इस मामले में पहले जेल प्रशासन ने सुलह-समझौता कराने का प्रयास किया था, लेकिन बंदियों के जिद के आगे उनकी दाल नहीं गल सकी। अनशन खत्म न होने पर दबाव बनाने के लिए जेल प्रशासन ने रविवार को जेल के भीतर सर्च आपरेशन चलाया। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान जेल प्रशासन को मोबाइल आदि मिले थे। सर्च आपरेशन का बंदियों ने विरोध भी किया था। आरोप है कि इस दौरान दोबारा बंदियों को पीटा गया था।
जिला जेल के अंदर बंदी कई गुटों में बंट गए हैं। अपना-अपना सिक्का चलाने के लिए बंदी लामबंदी कर रहे हैं। इनमें एक गुट ऐसा है जो जेल प्रशासन के पक्ष में है। इसी गुट को लेकर जेल के भीतर का माहौल गरम हो गया है। बंदियों के बीच भी तनातनी बढ़ी हुई है। इसको देखते हुए जेल प्रशासन ने बंदी रक्षकों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि जेल प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कहा कि उन्होंने इसकी जांच रिपोर्ट भी मांगी है।
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जिला जेल के भीतर कैंटीन में 19 दिसंबर को पांच बंदियों को वसूली की रकम न देने पर बंदी रक्षकों ने पीट दिया था। इससे आक्रोशित बंदियों ने गुरुवार से अनशन शुरू कर दिया था। बंदियों के परिजनों ने इसकी शिकायत कारागार मंत्री से भी की थी। इस मामले में पहले जेल प्रशासन ने सुलह-समझौता कराने का प्रयास किया था, लेकिन बंदियों के जिद के आगे उनकी दाल नहीं गल सकी। अनशन खत्म न होने पर दबाव बनाने के लिए जेल प्रशासन ने रविवार को जेल के भीतर सर्च आपरेशन चलाया। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान जेल प्रशासन को मोबाइल आदि मिले थे। सर्च आपरेशन का बंदियों ने विरोध भी किया था। आरोप है कि इस दौरान दोबारा बंदियों को पीटा गया था।
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जिला जेल के अंदर बंदी कई गुटों में बंट गए हैं। अपना-अपना सिक्का चलाने के लिए बंदी लामबंदी कर रहे हैं। इनमें एक गुट ऐसा है जो जेल प्रशासन के पक्ष में है। इसी गुट को लेकर जेल के भीतर का माहौल गरम हो गया है। बंदियों के बीच भी तनातनी बढ़ी हुई है। इसको देखते हुए जेल प्रशासन ने बंदी रक्षकों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि जेल प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कहा कि उन्होंने इसकी जांच रिपोर्ट भी मांगी है।
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