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कच्ची शराब का गढ़ बना सौरई बुजुर्ग गांव
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Mon, 01 Feb 2016 11:13 PM IST
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सैनी कोतवाली क्षेत्र के दर्जनों गांवों में कच्ची शराब का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। स्थानीय लोग बताते हैं कि इन गांवों के सैकड़ों परिवार महुआ की शराब बनाकर बेचते हैं। यही नहीं इन स्थानों पर शाम होते ही पियक्कड़ों का जमावाड़ा हो जाता है। सैनी क्षेत्र का सौरई बुजुर्ग, मधवामई, रूपनारायणपुर, नगियामई आदि गांव कच्ची शराब बनाने का अड्डा बना हुआ है।
यहां रोजाना सैकड़ों लीटर शराब बनाकर आसपास के अन्य गांवों में बेची जाती है। लोगों की मानें तो कच्ची शराब बनाकर बेचने का यह काला कारोबार इलाकाई पुलिस की मिलीभगत से होता है। तभी कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी इलाकाई पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी धंधेबाजों की नकेल नहीं कस रहे हैं। आरोप है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस कार्रवाई के नाम पर वसूली करके लौट जाती है। इसे लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
यहां रोजाना सैकड़ों लीटर शराब बनाकर आसपास के अन्य गांवों में बेची जाती है। लोगों की मानें तो कच्ची शराब बनाकर बेचने का यह काला कारोबार इलाकाई पुलिस की मिलीभगत से होता है। तभी कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी इलाकाई पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी धंधेबाजों की नकेल नहीं कस रहे हैं। आरोप है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस कार्रवाई के नाम पर वसूली करके लौट जाती है। इसे लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है।
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