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कौशाम्बी में होंगे 17 थाने
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:55 PM IST
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कौशाम्बी में अब 13 नहीं 17 थाने होंगे। पुलिस महकमा भरवारी, कड़ा, सिराथू और शमसाबाद चौकियों को थाना बनाने की कवायद में लगा है। पुलिस अधीक्षक ने इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है। माना जा रहा है कि इन चौकियों के थाना बनने से मंझनपुर, सैनी कोतवाली और कोखराज थाने का बोझ कम हो जाएगा। वहीं जनपद की कानून व्यवस्था में भी सुधार आएगा। आपराधिक घटनाओं की विवेचना में तेजी होगी।
4 अप्रैल 1997 को इलाहाबाद के 11 थाने पुरामुफ्ती, कोखराज, सैनी, मंझनपुर, मोहब्बतपुर पइंसा, पश्चिमशरीरा, करारी, कौशाम्बी, सरायअकिल, चरवा, पिपरी को अलग करके नया जिला कौशाम्बी बनाया गया था। इसमें 885 पुरवे और 7 नगर पंचायतें, 8 ब्लाक हैं। जहां करीब 18 लाख की आबादी निवास करती है। जनपद सृजन के कुछ साल बाद महेवाघाट थाना और आधी आबादी की समस्या को देखते हुए महिला थाना बना दिया गया। इसके बाद जिले में थानों की संख्या 13 हो गई। इतना कुछ करने के बाद भी जनपद में अपराधिक घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यहां कानून व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या पशुतस्करी, जुआ खेलना, बालू खनन है। गंगा-यमुना का कछारी इलाका होने के कारण गैरजनपदों में हत्या करके लाशों को यहां ठिकाने लगाने की घटनाएं भी आम हैं।
इन वारदाताें पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों ने पहल करते हुए जिले की 4 चौकियों को थाना बनाने की कवायद शुरू की है। प्रस्ताव है कि मंझनपुर कोतवाली की शमसाबाद, सैनी कोतवाली की सिराथू, कड़ा (देवीगंज) और कोखराज थाने की भरवारी चौकी को थाने का दर्जा मिले। इन चौकियों के थाना बनने से जहां सैनी, मंझनपुर कोतवाली और कोखराज थाने का बोझ हल्का होगा। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर आमजन को भी फायदा होगा। पुलिस अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि इन नामित चौकियों को थाना बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। अब शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है।
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थानों के साथ बढेगी एक और सर्किल
मंझनपुर(ब्यूरो)। द्वाबा में थानों के साथ एक सर्किल की भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। यहां अब तीन नहीं चार क्षेत्राधिकारी की तैनाती होगी। मंझनपुर सर्किल को दो भांगों में बांटा जाएगा। जिसमें पश्चिमशरीरा, महेवाघाट और कौशाम्बी थाने की सदर सीओ और मंझनपुर, महिला थाना और करारी को नगर सीओ को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है।
4 अप्रैल 1997 को इलाहाबाद के 11 थाने पुरामुफ्ती, कोखराज, सैनी, मंझनपुर, मोहब्बतपुर पइंसा, पश्चिमशरीरा, करारी, कौशाम्बी, सरायअकिल, चरवा, पिपरी को अलग करके नया जिला कौशाम्बी बनाया गया था। इसमें 885 पुरवे और 7 नगर पंचायतें, 8 ब्लाक हैं। जहां करीब 18 लाख की आबादी निवास करती है। जनपद सृजन के कुछ साल बाद महेवाघाट थाना और आधी आबादी की समस्या को देखते हुए महिला थाना बना दिया गया। इसके बाद जिले में थानों की संख्या 13 हो गई। इतना कुछ करने के बाद भी जनपद में अपराधिक घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यहां कानून व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या पशुतस्करी, जुआ खेलना, बालू खनन है। गंगा-यमुना का कछारी इलाका होने के कारण गैरजनपदों में हत्या करके लाशों को यहां ठिकाने लगाने की घटनाएं भी आम हैं।
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इन वारदाताें पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों ने पहल करते हुए जिले की 4 चौकियों को थाना बनाने की कवायद शुरू की है। प्रस्ताव है कि मंझनपुर कोतवाली की शमसाबाद, सैनी कोतवाली की सिराथू, कड़ा (देवीगंज) और कोखराज थाने की भरवारी चौकी को थाने का दर्जा मिले। इन चौकियों के थाना बनने से जहां सैनी, मंझनपुर कोतवाली और कोखराज थाने का बोझ हल्का होगा। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर आमजन को भी फायदा होगा। पुलिस अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि इन नामित चौकियों को थाना बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। अब शासन से मंजूरी मिलने का इंतजार है।
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थानों के साथ बढेगी एक और सर्किल
मंझनपुर(ब्यूरो)। द्वाबा में थानों के साथ एक सर्किल की भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। यहां अब तीन नहीं चार क्षेत्राधिकारी की तैनाती होगी। मंझनपुर सर्किल को दो भांगों में बांटा जाएगा। जिसमें पश्चिमशरीरा, महेवाघाट और कौशाम्बी थाने की सदर सीओ और मंझनपुर, महिला थाना और करारी को नगर सीओ को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है।