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आग में जिंदा जल गई मासूम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2016 11:29 PM IST
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बेरहम लपटों की जद में आने से बुधवार की रात जुगराजपुर गांव में पांच वर्षीय मासूम बालिका जिंदा जल गई। आधी रात घर में अचानक लगी आग देख कर परिवार के लोग चीखते-चिल्लाते भागे, लेकिन घर के अंदर सो रही मासूम बच्ची की ओर किसी का ध्यान ही नहीं गया। घर में लगी आग से आशियाना, गृहस्थी समेत सबकुछ राख हो गया। बालिका की मौत से घर में कोहराम मचा है।
सरायअकिल थाना क्षेत्र के जुगराजपुर गांव निवासी शीतला प्रसाद कपडे़ की सिलाई का काम करता है। बुधवार की रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। तभी आधी रात उसके घर में अचानक आग लग गई। लपटों की तपिश से नींद टूटी तो परिवार के लोग जान बचाने के लिए भागे। लपटों में घिरे परिजन चीखते-चिल्लाते घर के बाहर भाग निकले, लेकिन इस दौरान किसी की नजर घर में सो रही पांच वर्षीय मासूम गुड़िया पर नहीं पड़ी। जब शीतला प्रसाद और उसकी पत्नी को बेटी के घर के भीतर सोते छोड़ आने का होश आया, तब तक देर हो चुकी थी। चीख-पुकार पर जुटे गांववालों ने बालिका को बचाने की कोशिश की। लोग किसी तरह घर के भीतर घुसे, लेकिन तब तक बालिका लपटों की चपेट में आकर जिंदा जल चुकी थी। घंटों की मशक्कत के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। जब तक आग बुझाई जाती। मासूम बालिका के साथ बर्तन, बिस्तर, कपड़े, खाद्यान्न समेत गृहस्थी का सारा सामान जल चुका था। गृहस्थी के साथ लपटों की जद में आने से पांच साल की मासूम बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। घर में आग कैसे लगी इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है। गांववालों का मानना है कि रात में चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाए जाने से हादसा हुआ है।
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सरायअकिल थाना क्षेत्र के जुगराजपुर गांव निवासी शीतला प्रसाद कपडे़ की सिलाई का काम करता है। बुधवार की रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। तभी आधी रात उसके घर में अचानक आग लग गई। लपटों की तपिश से नींद टूटी तो परिवार के लोग जान बचाने के लिए भागे। लपटों में घिरे परिजन चीखते-चिल्लाते घर के बाहर भाग निकले, लेकिन इस दौरान किसी की नजर घर में सो रही पांच वर्षीय मासूम गुड़िया पर नहीं पड़ी। जब शीतला प्रसाद और उसकी पत्नी को बेटी के घर के भीतर सोते छोड़ आने का होश आया, तब तक देर हो चुकी थी। चीख-पुकार पर जुटे गांववालों ने बालिका को बचाने की कोशिश की। लोग किसी तरह घर के भीतर घुसे, लेकिन तब तक बालिका लपटों की चपेट में आकर जिंदा जल चुकी थी। घंटों की मशक्कत के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। जब तक आग बुझाई जाती। मासूम बालिका के साथ बर्तन, बिस्तर, कपड़े, खाद्यान्न समेत गृहस्थी का सारा सामान जल चुका था। गृहस्थी के साथ लपटों की जद में आने से पांच साल की मासूम बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। घर में आग कैसे लगी इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है। गांववालों का मानना है कि रात में चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाए जाने से हादसा हुआ है।
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