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बैंकों का 1.14 करोड़ लेकर गायब हो गए 473 बकाएदार
अमर उजाला ब्यूरो,कौशाम्बी
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:33 AM IST
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मंझनपुर। दोआबा के 473 लोगों ने बैंकों का 1.14 करोड़ रुपये रुपये दबा लिया। कुंडली मारकर बैठे इन लोगों से रकम रिकवरी में बैंक को दांतों-पसीना आ रहा है। नतीजतन बैंक ने इन सभी के खिलाफ आरसी जारी कर दिया है। अब इनसे राजस्व विभाग वसूली करेगा। हालांकि इनमें से अधिकतर बकाएदारों का कोई सुराग ही नहीं लग रहा है।
सरकार ने खेती-किसानी अथवा रोजगार को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाओं का संचालन कर रखा है। इसके तहत बैंकों से कर्ज मुहैया कराने की व्यवस्था है। विभिन्न योजनाओं के तहत जनपदवासियों ने बैंकों से 1312.91 करोड़ रुपये का कर्ज ले रखा है। इसमें से 1.14 करोड़ रुपये डूबता नजर आ रहा है। दरअसल उद्योग विहीन कौशाम्बी जिले के ज्यादातर लोग बैंकों से कर्ज लेने के बाद दूसरे मदों में उड़ा दे रहे हैं। लीड बैंक मैनेजर दिनेश कुमार मिश्र का कहना है कि व्यापार अथवा खेती के लिए कर्ज लेने के बाद लोग अनुत्पादक कार्यों मसलन बीमारी, शादी अथवा जुआ-शराब में खर्च कर डालते हैं। इसके चलते कर्ज चुकता नहीं कर पा रहे हैं।
तमाम नोटिस और तगादा के बाद भी कर्ज वापसी नहीं करने वाले करीब 473 बकाएदारों के नाम आरसी जारी कर दी गई है। अब इनसे वसूली के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारी एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में अफसरों ने डीएम मनीष कुमार वर्मा के समक्ष ऐसा ही कुछ दुखड़ा रोया। बताया गया कि इनमें से अधिकतर बकाएदारों का कोई सुराग ही नहीं लग पा रहा है कि आखिर वो कहां और क्या कर रहे हैं। डीएम ने राजस्व अफसरों को इनकी तलाश कर बकाए की वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
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सरकार ने खेती-किसानी अथवा रोजगार को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाओं का संचालन कर रखा है। इसके तहत बैंकों से कर्ज मुहैया कराने की व्यवस्था है। विभिन्न योजनाओं के तहत जनपदवासियों ने बैंकों से 1312.91 करोड़ रुपये का कर्ज ले रखा है। इसमें से 1.14 करोड़ रुपये डूबता नजर आ रहा है। दरअसल उद्योग विहीन कौशाम्बी जिले के ज्यादातर लोग बैंकों से कर्ज लेने के बाद दूसरे मदों में उड़ा दे रहे हैं। लीड बैंक मैनेजर दिनेश कुमार मिश्र का कहना है कि व्यापार अथवा खेती के लिए कर्ज लेने के बाद लोग अनुत्पादक कार्यों मसलन बीमारी, शादी अथवा जुआ-शराब में खर्च कर डालते हैं। इसके चलते कर्ज चुकता नहीं कर पा रहे हैं।
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तमाम नोटिस और तगादा के बाद भी कर्ज वापसी नहीं करने वाले करीब 473 बकाएदारों के नाम आरसी जारी कर दी गई है। अब इनसे वसूली के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारी एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में अफसरों ने डीएम मनीष कुमार वर्मा के समक्ष ऐसा ही कुछ दुखड़ा रोया। बताया गया कि इनमें से अधिकतर बकाएदारों का कोई सुराग ही नहीं लग पा रहा है कि आखिर वो कहां और क्या कर रहे हैं। डीएम ने राजस्व अफसरों को इनकी तलाश कर बकाए की वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
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