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ट्रेनों के लिए सुरक्षित नहीं अटसराय का रेलवे ट्रैक

Sun, 09 Oct 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Sun, 09 Oct 2016 12:29 AM IST
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atsrai railway track
crime
दिल्ली-हावड़ा रूट पर अटसराय रेलवे स्टेशन के समीप कुछ तो गड़बड़ है। राजधानी को पलटाने की एक बड़ी साजिश पिछले साल तो नाकाम हो गई थी, लेकिन मूरी एक्सप्रेस नहीं बचाई जा सकी। इस सुनसान इलाके में रेलवे की पटरियां ट्रेनों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। छह बार पेंड्राल क्लिप चोरी हो चुकी है। रेलवे ट्रैक के नीचे जैक लगाया जा चुका है। शुक्रवार रात रेलवे ट्रैक पर पत्थर रख दिया गया। इससे साफ है कि यहां सक्रिय अराजकतत्वों के इरादे नेक नहीं है।
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   शुक्रवार की रात कानपुर से इलाहाबाद की ओर जा रही मालगाड़ी के आगे रेलवे पटरी पर पत्थर रख दिया गया था। अराजकत्वों की इस हरकत से मालगाड़ी के चालक को जबर्दस्त झटके महसूस हुए थे। इस पर इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मालगाड़ी रोक कर चालक ने गार्ड व जीआरपी को सूचना दी थी। पीडब्ल्यूआई विकास यादव टीम के साथ पहुंचे और ट्रैक को साफ करवाकर करीब एक घंटे बाद ट्रेनों को रवाना किया था।
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इस घटना ने रेलवे को एक साल बाद फिर चौंकाया है। यह वही स्थान है, जहां 23 जून 2015 को मूरी एक्सप्रेस पलट गई थी। इस हादसे में एक की मौत हो गई थी, जबकि पांच लोग घायल थे। मूरी एक्सप्रेस पलटने की घटना के एक दिन पहले इसी स्थान पर दो दर्जन से ज्यादा रेलवे पटरी की पेंड्राल क्लिप निकाल ली दी गई थी। इसके अलावा रेलवे पटरी के नीचे जैक लगा दिया गया था। सूचना पर पहुंची सैनी कोतवाली पुलिस ने झाड़ियों से पेंड्राल क्लिप व जैक को बरामद किया था। इस घटना ने स्पष्ट कर दिया था कि साजिश के तहत यह सब किया गया था। मूरी पलटने के बाद तमाम खुफिया एजेंसियों ने इस घटना की जांच की थी। कई लोगों को उठाया भी गया था, लेकिन अब तक इसका खुलासा नहीं हो सका कि आखिर यह सब किसके इशारे पर हुआ। इतना सब कुछ होने के बाद भी इस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई।
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नहीं खुल सका नीली डायरी का रहस्य
मूरी एक्सप्रेस पलटने से एक दिन पहले पेंड्राल क्लिप चोरी व रेलवे पटरी के नीचे जैक मिलने के बाद इलाके की पुलिस ने बारीकी से छानबीन की थी। झाड़ियों से पेंड्राल क्लिप के साथ पुलिस को एक नीली डायरी मिली थी। इसमें कई लोगों के मोबाइल नंबर लिखे थे। इसके अलावा एक प्रधान का नंबर था। पुलिस ने जांच की तो साफ हुआ कि प्रधान का नाम व मोबाइल नंबर जान बूझकर डाला गया था ताकि जांच की दिशा को भटकाया जा सके। इस डायरी को कई एजेंसियों ने भी देखा था, लेकिन किसने रखा अब तक यह नहीं पता चल सका।


मूरी हादसे के बाद से इस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। शुक्रवार की रात रेलवे ट्रैक पर पत्थर मिला था। इसके बाद पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। आरपीएफ भी इस क्षेत्र की निगरानी कर रही है।
वीके मिश्र-एसपी 
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