{"_id":"5b1ec54e4f1c1bb06e8b77d1","slug":"81528743246-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर हंगामा, चक्काजाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर हंगामा, चक्काजाम
Updated Tue, 12 Jun 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। मंझनपुर कस्बे से सटे समदा गांव की एक जमीन को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। एक पक्ष ने निर्माणाधीन घर गिराए जाने का आरोप लगा कर चक्काजाम कर दिया। मामले की जानकारी पर पहुंची पुलिस से भी नोकझोक हुई। किसी तरह पुलिस ने दोनों पक्ष को शांत कराया।
समदा के रहने वाले महेश का कहना था कि उसने अपनी जमीन का एक हिस्सा मंजू देवी पत्नी लालचंद्र को बेचा था। बची हुई जमीन पर वह अपना निर्माण कार्य करा रहे थे। इसी बीच शनिवार रात पहुंचे मंजू की तरफ से लोगों ने निर्माणाधीन घर को गिरा दिया। मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासन के अफसरों से की गई। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के चलते उन्हें जाम लगाना पड़ा। वहीं दूसरे पक्ष से मंजू देवी का कहना है कि उन्होंने जमीन को क्रय किया है। उसी जमीन पर विपक्षी महेश आदि कब्जा करने के नीयत से निर्माण करा रहे थे। जबकि जमीन का वाद अदालत में दाखिल है। अदालत से उन्हें स्टे आर्डर मिला है। इसके बाद भी निर्माण कराया जा रहा था। मामले में सदर कोतवाल पवन त्रिवेदी का कहना है कि दोनों को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए एसडीएम के पास भेजा गया है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
समदा के रहने वाले महेश का कहना था कि उसने अपनी जमीन का एक हिस्सा मंजू देवी पत्नी लालचंद्र को बेचा था। बची हुई जमीन पर वह अपना निर्माण कार्य करा रहे थे। इसी बीच शनिवार रात पहुंचे मंजू की तरफ से लोगों ने निर्माणाधीन घर को गिरा दिया। मामले की शिकायत पुलिस और प्रशासन के अफसरों से की गई। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के चलते उन्हें जाम लगाना पड़ा। वहीं दूसरे पक्ष से मंजू देवी का कहना है कि उन्होंने जमीन को क्रय किया है। उसी जमीन पर विपक्षी महेश आदि कब्जा करने के नीयत से निर्माण करा रहे थे। जबकि जमीन का वाद अदालत में दाखिल है। अदालत से उन्हें स्टे आर्डर मिला है। इसके बाद भी निर्माण कराया जा रहा था। मामले में सदर कोतवाल पवन त्रिवेदी का कहना है कि दोनों को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए एसडीएम के पास भेजा गया है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन