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सिंघवल व ऊनौ के सचिव होंगे निलंबित, दर्ज होगी रिपोर्ट
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:30 AM IST
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मंझनपुर। सरसवां ब्लॉक के ऊनौ और सिंघवल गांव के सचिव जांच अफसरों को अभिलेख नहीं मुहैया करा रहे हैं। इसके चलते विकास कार्यों में गबन की जांच नहीं हो पा रही है। डीपीआरओ ने शुक्रवार को दोनों गांव के सचिवों को अंतिम नोटिस जारी कर दो जुलाई तक अभिलेख मुहैया कराने का निर्देश दिया है। इसमें हीलहवाली बरतने पर निलंबन के साथ एफआईआर कराने की भी चेतावनी दी है।
ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को ग्राम सभा सिंघवल के विकास कार्यों में अनियमितता की जांच करने का निर्देश दिया था। करीब साल भर गुजरने के बावजूद जांच पूरी नहीं हो सकी है। मामले में जांच अफसर का आरोप है कि सेक्रेटरी आदित्य सिंह द्वारा विकास कार्यों एवं आय-व्यय से संबंधित अभिलेख नहीं मुहैया कराने की वजह से जांच अधर में लटकी हुई है। इसी तरह से ऊनौ गांव की ग्राम प्रधान संगीता मिश्रा ने 24 मार्च 18 को तीन सदस्यीय समिति द्वारा विकास कार्यों में गोलमाल करने की शिकायत की गई थी। आईजीआरएस पोर्टल में हुई शिकायतों की जांच के लिए डीडीओ ने 19 जून को तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी।
पर, यहां भी सचिव रविकांत सिंह द्वारा अभिलेख नहीं मुहैया कराया जा रहा है। जांच अफसरों द्वारा अवगत कराई गई इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ कमल किशोर ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए दो जुलाई तक दोनों सचिवों से अपनी-अपनी ग्राम सभाओं के अभिलेख जांच अफसरों को मुहैया कराने का निर्देश दिया है। चेताया कि ऐसा नहीं करने पर गबन का आरोपी मानते हुए निलंबित करने के साथ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
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ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को ग्राम सभा सिंघवल के विकास कार्यों में अनियमितता की जांच करने का निर्देश दिया था। करीब साल भर गुजरने के बावजूद जांच पूरी नहीं हो सकी है। मामले में जांच अफसर का आरोप है कि सेक्रेटरी आदित्य सिंह द्वारा विकास कार्यों एवं आय-व्यय से संबंधित अभिलेख नहीं मुहैया कराने की वजह से जांच अधर में लटकी हुई है। इसी तरह से ऊनौ गांव की ग्राम प्रधान संगीता मिश्रा ने 24 मार्च 18 को तीन सदस्यीय समिति द्वारा विकास कार्यों में गोलमाल करने की शिकायत की गई थी। आईजीआरएस पोर्टल में हुई शिकायतों की जांच के लिए डीडीओ ने 19 जून को तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी।
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पर, यहां भी सचिव रविकांत सिंह द्वारा अभिलेख नहीं मुहैया कराया जा रहा है। जांच अफसरों द्वारा अवगत कराई गई इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ कमल किशोर ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए दो जुलाई तक दोनों सचिवों से अपनी-अपनी ग्राम सभाओं के अभिलेख जांच अफसरों को मुहैया कराने का निर्देश दिया है। चेताया कि ऐसा नहीं करने पर गबन का आरोपी मानते हुए निलंबित करने के साथ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
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