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आंधी में गिरी चहारदीवारी के निर्माण को प्रधान ने रोका, हंगामा
Updated Wed, 07 Nov 2018 12:20 AM IST
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स्थानीय गांव में हो रहे निर्माण को प्रधान ने रुकवाया तो हंगामा मच गया। मौके पर नायब तहसीलदार ने फोर्स की मदद से विवाद शांत कराया। बवाल की आशंका के मद्देनजर नायब तहसीलदार ने दोनों पक्षों को किसी तरह का निर्माण नहीं करने का निर्देश दिया है।
चरवा के उत्तर थोक मोहल्ला निवासी कंधई लाल ने तीस साल पहले महावीर की सारी जमीन का बैनामा कराया था। कुछ हिस्से में मकान बना था बाकी में चाहरदीवारी बनी थी। कंधई का कहना है कि गर्मी के दिनों आई आंधी के दौरान बाउंड्रीवाल गिर गई।
मंगलवार को वह निर्माण कराने लगे तो प्रधान ने आकर रोक दिया। प्रधान का कहना है कि उसकी महज 12 बिस्वा जमीन है। बाकी की जमीन तालाबी नंबर की है। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। हंगामे की जानकारी पर नायब तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव, चरवा इंस्पेक्टर राकेश सरोज और पूरामुफ्ती कोतवाली के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि बाउंड्रीवाल कंधई के हिस्से में है। इसके बाद भी विवाद पर कोई सहमति नहीं बनी तो नायब तहसीलदार ने अगली नाप होने तक किसी भी पक्ष को निर्माण नहीं करने का निर्देश दिया।
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चरवा के उत्तर थोक मोहल्ला निवासी कंधई लाल ने तीस साल पहले महावीर की सारी जमीन का बैनामा कराया था। कुछ हिस्से में मकान बना था बाकी में चाहरदीवारी बनी थी। कंधई का कहना है कि गर्मी के दिनों आई आंधी के दौरान बाउंड्रीवाल गिर गई।
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मंगलवार को वह निर्माण कराने लगे तो प्रधान ने आकर रोक दिया। प्रधान का कहना है कि उसकी महज 12 बिस्वा जमीन है। बाकी की जमीन तालाबी नंबर की है। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। हंगामे की जानकारी पर नायब तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव, चरवा इंस्पेक्टर राकेश सरोज और पूरामुफ्ती कोतवाली के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पता चला कि बाउंड्रीवाल कंधई के हिस्से में है। इसके बाद भी विवाद पर कोई सहमति नहीं बनी तो नायब तहसीलदार ने अगली नाप होने तक किसी भी पक्ष को निर्माण नहीं करने का निर्देश दिया।
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